कोरोना की दहशत में डेंगू न बन जाए मुसीबत
बिजनौर। इस समय मामूली बुखार होने पर भी काफी लोग इसे छिपाने में लग जाते हैं। इसके पीछे कहीं न कहीं जांच में कोरोना निकल आने का डर और फिर कोविड सेंटर जाने से बचना प्रमुख कारण माना जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार बुखार आने पर जांच जरूरी है, डेंगू होने पर यह खतरनाक भी हो सकता है। संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत लोगों को इसके लिए जागरूक भी किया जा रहा है। लोगों को खुद भी जागरूक रहना है क्योंकि कोरोना की दहशत में डेंगू जानलेवा हो सकता है।
यह बुखार और वायरल आदि बीमारियों का मौसम है। इसके अलावा कोरोना में भी बुखार का आना एक लक्षण है। ऐसे लोगों की कमी नहीं हैं, जो बुखार आने पर महज इसलिए चिकित्सक को दिखाए बिना खुद ही उपचार में लग जाते हैं, क्योंकि कहीं उन्हें कोरोना निकलने पर कोविड सेंटर न भेज दिया जाए, हालांकि सरकार ने अब तो शर्तों के तहत होम आइसोलेशन की सुविधा भी दे दी है। कोरोना के फेर में लोग यह भूल रहे हैं कि आमतौर पर जुलाई माह से डेंगू का संचरण काल शुरू हो जाता है। पिछले साल भी अधिकारिक तौर पर जिले में डेंगू के 22 केस मिले थे। हालांकि उपचार के बाद ये सभी ठीक हो गए थे और कोई मृत्यु नहीं हुई थी।
सीएमओ डॉ. विजय कुमार यादव के अनुसार कोई भी बुखार होने पर हर व्यक्ति को अपनी जांच कराना जरूरी है। डेंगू, मलेरिया की जांच जिले के सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल तक सभी जगह मुफ्त में उपलब्ध है। डेंगू होने पर समय से जांच व उपचार न कराना घातक भी सिद्ध हो सकता है। उन्होंने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत घर-घर जाकर आशाएं लोगों को जागरूक कर रही हैं। लगभग चार हजार 164 घरों में डेंगू की ब्रीडिंग का पता लगाने के लिए सर्वे भी हो चुका है। कांशीराम कॉलोनी बिजनौर में दो घरों में डेंगू की ब्रीडिंग पाए जाने पर उन्हें नोटिस भी जारी किया जा चुका है।
ऐसे करें पहचान
1. अचानक तेज सिरदर्द व बुखार का होना।
2. मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना।
3. आंखों के पीछे दर्द होना, जो कि आंखों को घुमाने से बढ़ता है।
4. जी मिचलाना एवं उल्टी होना, त्वचा पर चकत्ते उभरना।
5. गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना।
ये बरतें सावधानियां
1. डेंगू फैलाने वाला मच्छर रुके हुए साफ पानी में पनपता है। घर में या आसपास पानी जमा न होने दें।
2. पानी से भरे हुए बर्तनों व टंकियों आदि को ढक कर रखें।
3. सप्ताह में एक बार कूलर को खाली करके सुखा दें।
4. यह मच्छर दिन के समय काटता है। ऐसे कपड़े पहनें, जो बदन को पूरी तरह ढके।
5. डेंगू के उपचार के लिए कोई खास दवा या वैक्सीन नहीं है। बुखार उतारने के लिए पैरासिटामोल ले सकते हैं।
6. एस्प्रीन या इबुप्रोफेन, कोर्टिसोन एवं एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल बिल्कुल भी न करें।