संवाद न्यूज एजेंसी नींदडू (बिजनौर)। मंढे पर ढोल बजाने पर इमाम ने निकाह पढ़ाने से इनकार कर दिया। घरातियों और बरातियों ने माफी मांगी तो इमाम ने निकाह पढ़वाया। मगर, इमाम के जाने के बाद परिजनों ने फिर से डीजे बजाकर नाच गाना शुरू कर दिया। इस पर उलमा नाराज हो गए। उलमा की सूचना पर पहुंची पुलिस ने डीजे बंद कराया। नींदडू खास निवासी एक परिवार दिल्ली में रहकर काम करता है। परिवार की लड़की का मंढा शुक्रवार को और शादी शनिवार को नींदडू में ही थी। स्थानीय मस्जिद के इमाम ने परिजनों को निकाह में बाजा बजाने, आतिशबाजी छोड़ने और डीजे बजाकर डांस करने आदि पर उलमा की अंजुमन की ओर से पाबंदी लगाने से अवगत कराया।
परिवार ने शिकायत का मौका नहीं देने का यकीन दिलाने के बावजूद शुक्रवार को मंढे में ढोल बजवा दिया। इस पर इमाम ने निकाह पढ़ाने से इनकार कर दिया। इस पर परिजनों ने माफी मांगकर इमाम से शनिवार को अपनी बेटी का निकाह पढ़वा लिया। इमाम रात में इशा की नमाज पढ़वाने के बाद घर चले गए।
इसके बाद परिजनों ने जमकर डीजे बजाया। डीजे की इत्तला पर अंजुमन इस्लाहुल मुस्लेमीन के मुफ्ती मुजम्मिल हुसैन, मुफ्ती सदाकत हुसैन, मुफ्ती मोहम्मद कासिम, मौलाना मोहम्मद फैसल, कारी मोहम्मद अरशद, मौलाना अब्दुल अलीम, मौलाना मोहम्मद फरमान, कारी मोहम्मद तौसीफ आदि ने ऐसा न करने के लिए कहा।
परिजनों के इनकार करने पर उलमा ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर डीजे बंद कराया और डांस कर रहे युवकों को मौके से हटाया।