उड़ गई रातों की नींद, खो गया दिन का चैन
बिजनौर। जिले में लोग अब जांच से भी घबराने लगे हैं। कोरोना पॉजीटिव मरीजों के साथ ही अब अन्य लोगों में भी इसका काफी खौफ है। लोगों की रात की नींद उड़ गई है, दिन का चैन खत्म हो गया है। हालात यह है कि रात में आंख भी खुलती है, तो लोग पल्स ऑक्सीमीटर लेकर अपना ऑक्सीजन लेबल चेक करने लगते हैं। जरा सा शरीर गर्म लगा तो शंका के बादल घिरने लगते हैं।
कोरोना भय से नींद गायब हो गई है। कोरोना की दूसरी लहर के भय से लोगों ने खुद को अपने घरों में कैद कर लिया है। लोग अब चिकित्सकों की सलाह ले रहे हैं। चिकित्सक भी हमेशा सकारात्मक रहने की नसीहत दे रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर ने एक महीने में ही घबराहट के मरीजों की तादाद कई गुना बढ़ा दी है। इस बार लोगों में पिछले साल से भी ज्यादा घबराहट है। चिकित्सकों के पास ऐसे मामले आ रहे हैं कि जो कोरोना संक्रमित नहीं भी हैं, उन्हें पॉजिटिव होने का डर सता रहा है। ऐसे मरीज कह रहे हैं कि यदि उन्हें कोरोना हुआ तो उनका इलाज कैसे होगा।
जिला अस्पताल के एमडी मेडिसिन डॉ. राधेश्याम वर्मा बताते हैं कि ऐसे में किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। घबराएं बिल्कुल नहीं, न तो डरें और न ही दूसरों को डराएं। ऐसे में हर किसी को अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए विटामिन सी युक्त खाद्य और पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
विश्नोई नर्सिंग होम के संचालक वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. राहुल विश्नोई ने बताया कि अगर किसी का ऑक्सीजन लेबल 85 से नीचे जाता है तो चिंता करने की बात है, स्वस्थ रहें और अपना ध्यान सकारात्मक चीजों में लगाएं। आजकल उनके पास 60 फीसदी इसी प्रकार के मामले आ रहे हैं। फिर भी कोई परेशानी होती है तो अपने चिकित्सक से जरूर संपर्क करें।