बिजनौर में जिला प्रदूषण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल अर्थात एनजीटी के रडार पर है। पुआल को जलाने से रोकने के लिए सेटेलाइट से मॉनिटिरिंग हो रही है। किसानों ने औद्योगिक इकाईयों का छोइया में जा रहे पानी तथा शुगर मिलों से निकलने वाली छाई से होने वाले प्रदूषण का मामला उठाया।
किसान सीडीओ डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के समक्ष समस्याएं रख रहे थे। इस दौरान प्रदूषण का मुद्दा उठा। भाकियू के जिला महासचिव दिगंबर सिंह ने आरोप लगाया कि छोइया में औद्योगिक इकाईयों का पानी जा रहा है।
इसके चलते छोइया के आसपास बसे गांवों के लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में हैं। शुगर मिलों से निकलने वाली छाई से गन्ने का अगोला काला पड़ गया है। जानवर चारा खा नहीं रहे हैं। कोई सुनने वाला नहीं है। इस पर क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी एके तिवारी ने कहा कि छोइया प्रकरण में विभाग की ओर से कार्रवाई शुरू हो गई है। तिवारी के मुताबिक प्रदूषण को लेकर एनजीटी गंभीर है। खेतों में धान की पुआल जलाने से प्रदूषण फैल रहा है। इस पर निगरानी रखने के लिए इसरो द्वारा सेटेलाइट के माध्यम से मॉनिटिरिंग हो रही है। इस मामले में किसानों से सहयोग करने को कहा गया है। सीडीओ डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने मामले की गंभीरता से सहमति जताते हुए किसानों से अपील की कि वे प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करें। प्रशासन भी अपने स्तर से निगाह रखे हैं।