धामपुर। भाकियू लोकशक्ति कार्यकर्ताओं और विद्युत वितरण निगम खंड द्वितीय अधिशासी अभियंता विनोद कुमार गंगवार के बीच पुलिस कोतवाली में किसान नेताओं के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग को लेकर एक घंटे तक लंबी वार्ता हुई। अधिशासी अभियंता ने भरोसा दिया कि वह पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से राय के बाद दर्ज मुकदमे को वापस कराने का प्रयास करेंगे।
भाकियू लोक शक्ति के जिला प्रचार मंत्री घनश्याम पांडे और तहसील अध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिसोदिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को विद्युत वितरण खंड द्वितीय अधिशासी अभियंता से उनके कार्यालय में मिला। किसान नेताओं ने सफाई देते हुए कहा कि देहात क्षेत्र में बिजली की अघोषित कटौती होने से खफा होकर कार्यकर्ताओं ने सरकड़ा के बिजलीघर पर सुधार की मांग को लेकर 25 मई को धरना प्रदर्शन किया। जब सुनवाई नहीं तो उन्होंने तालाबंदी कर प्रदर्शन किया गया था। जिस पर अधिशासी अभियंता विनोद कुमार गंगवार के आदेश पर जेई रामकुमार सिंह ने दो किसान नेताओं घनश्याम पांडे और जितेंद्र सिसोदिया को नामजद कर कई अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
अधिशासी अभियंता ने कहा कि कार्यकर्ताओं द्वारा कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए था। उन्होंने तालाबंदी कर 14 गांवों की बिजली को बाधित किया है, जो अपराध है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें आंदोलनकारी नेताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करानी पड़ी। उन्होंने भरोसा दिया कि वह पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों से दर्ज केस को निरस्त करने के लिए अधिकारियों से राय लेेंगे। कोई कानूनी पेंच नहीं फंसा तो मामले को खत्म करने का पूरा प्रयास होगा। इस दौरान डॉ जगदीश ,जयपाल सिंह, सौरभ कुमार, आशुतोष ,विजेंद्र कुमार, नितिन कुमार, विजयपाल सिंह आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।