धामपुर में कांवड़ बनाता मुस्तकीम अहमद
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धामपुर। महाशिवरात्रि पर एक मुस्लिम परिवार तीन पीढ़ियों से कांवड़ बनाने का काम कर रहा है। दिवाली पर कंदील, दशहरा पर रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण का पुतला बनाते हैं।
पुरानी तहसील के पास निवासी अब्दुल हकीम के पुत्र मुस्तकीम ने बताया कि उसका परिवार 40 वर्षों से कांवड़ बनाने का काम करता आ रहा है। यही उनकी जीविका का एकमात्र साधन है। उन्होंने कहा कि अब कांवड़ बनाने का कारोबार महंगा हो गया है। अब एक कांवड़ बनाने में 150 रुपये से ज्यादा की लागत आ रही है। कांवड़ बनाने के लिए बांस नजीबाबाद मंडी से खरीद कर लाया जाता है। तैयार करने के बाद कांवड़ को दो से ढाई सौ रुपये में बेचा जा रहा है। उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि पर करीब 150 से ज्यादा कांवड़ों की बिक्री हो जाती है। बताया कि एक व्यक्ति एक दिन में चार कांवड़ तैयार कर देता है। उसके यहां पर चार आदमी काम पर लगे हैं। परिवार के सभी सदस्यों का पूरा सहयोग रहता है।