बिजनौर के एक बैंक्वेट हॉल में जाट महापंचायत में मंचासीन अतिथिगण।
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बिजनौर में अखिल भारतीय जाट मंच की महासभा में केंद्र में आरक्षण के लिए दिल्ली में आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया। जाट आरक्षण की मांग पूरी होने तक आंदोलन चलाने का फैसला लिया गया। आरक्षण बहाल न होने पर भाजपा के बहिष्कार करने की बात कही गई।
एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित महासभा में मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी रणवीर सिंह ने कहा कि केंद्र में जाटों को हर सूरत में आरक्षण दिया जाए। यदि आरक्षण देने में विलंब किया गया तो समाज केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों का बहिष्कार करेगा। उन्होंने कहा कि आरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने के लिए प्रदेश में जगह-जगह बैठक आयोजित होंगी। इसके बाद अक्तूबर माह के अंत में दिल्ली में आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन तब तक चलेगा, जब तक जाटों को आरक्षण नहीं मिल जाता है। प्रदेशाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने कहा कि जाटों को आरक्षण के लिए जागरूक होना होगा।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में प्रत्येक बूथ पर जाट आरक्षण कमेटी गठित की जाएगी। महासभा में आरक्षण बहाल नहीं होने पर सर्वसम्मति से भाजपा का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। महासभा की अध्यक्षता चौधरी झूंडे सिंह, संचालन पुष्पेंद्र सिंह व प्रदेश महासचिव अशोक चौधरी ने किया। महासभा में हरियाणा के अध्यक्ष जसवीर सिंह मलिक, राष्ट्रीय प्रवक्ता राजवीर सिांह, सत्यपाल सिंह, रामस्वरूप सिंह आदि ने भी विचार व्यक्त किए। इस दौरान अशोक काकरान, गजेंद्र सिंह, साकेंद्र चौधरी, आशु राणा, प्रभा चौधरी, रालोद जिलाध्यक्ष हरपाल सिंह,, सत्यपाल सिंह आदि मौजूद रहे।