बिजनौर। लोगों हताशा इस कदर बढ़ रही है कि लोग जरा-जरा सी बात पर आत्महत्या कर रहे हैं। जिले के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह बहुत डरावना है। हर साल 90 से ज्यादा लोग मौत को गले लगा रहे हैं। साल 2023 में 91 लोगों ने आत्महत्या की थी, जबकि साल 2022 में यह आंकड़ा 79 था। पिछले साल भी करीब 80 लोगों ने आत्महत्या की थी।
आत्महत्या करने के कारण
- सामाजिक तौर पर दूरी
- मानसिक बीमारी (तनाव, घबराहट, बीमारी के बारे में नहीं बताना, बाइपोलर डिसऑर्डर, डिस्टीमिया, नशे की आदत)
- आवेश में आने की प्रवृत्ति
- आपसी संबंध खराब होने पर
- आर्थिक समस्या
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ऐसे हो सकती है आत्महत्या की रोकथाम
- सामाजिक संबंध अच्छे होने चाहिए
- मानसिक बीमारी का इलाज कराएं
- मानसिक बीमारी के बारे में खुलकर बात करें
आत्महत्या करने से पहले आने वाले विचार
- अचानक से संपत्ति का प्लान करना
- विरासत की बात करना
- आत्महत्या के बारे में ज्यादा बात करना
- व्यवहार में बदलाव होना
- उम्मीद टूटना, जीवन में कुछ नहीं बचा जैसे विचार आना
समय से इलाज शुरू होने पर मानसिक बीमारी दूर हो रही है। समाज में बातचीत कम हो गई है। अच्छे सामाजिक संबंध आत्महत्या रोकने में काफी मददगार होते हैं। मानसिक बीमारी और खराब रिश्ते सबसे अधिक आत्महत्या का कारण बन रहे हैं। मेडिकल अस्पताल में हर महीने एक हजार से ज्यादा मरीज मानसिक बीमारी से ग्रसित आ रहे हैं।
हैं।
- डॉ. नितिन कुमार, मनोरोग विशेषज्ञ, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर