बिजनौर। जिले में छात्र-शिक्षक अनुपात के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग ने 700 से अधिक शिक्षकों को सरप्लस श्रेणी में चिह्नित किया है। इन शिक्षकों को विभागीय प्रक्रिया के साथ अब उन विद्यालयों में तैनात किया जाएगा, जहां शिक्षकों की कमी है।
विभाग का दावा है कि इस व्यवस्था से जिले के एकल शिक्षक वाले और शिक्षकविहीन स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था बेहतर होगी। हालांकि, सरप्लस सूची जारी होने के बाद कई शिक्षक-शिक्षिकाओं ने इस पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि सूची तैयार करते समय उनके वर्तमान विषय के बजाय दूसरे विषय के आधार पर चयन किया गया, जबकि उनकी तैनाती किसी अन्य विषय में है। ऐसे शिक्षक बीएसए कार्यालय पहुंचकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं और सूची में त्रुटियां सुधारने की मांग कर रहे हैं। जनपद में 2119 परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं, जिनमें करीब सवा लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। उधर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कसाना का कहना है कि यह प्रक्रिया न्यायालय के निर्देशन में चल रही है। न्यायालय की गाइड लाइन के तहत कार्यवाही की जा रही है।
विसंगतियां दूर करने के लिए दिया ज्ञापन
बिजनौर। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, बिजनौर (प्रा. संवर्ग) के जिलाध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने बताया कि संगठन की ओर से बीएसए को ज्ञापन सौंपा है। बताया कि शिक्षक समायोजन प्रक्रिया में आ रही विभिन्न विसंगतियों को दूर कराने के संबंध में चर्चा की और निदान की मांग की।