गन्ने की नर्सरी तैयार कर रही हैं 200 से ज्यादा महिलाएं
धामपुर। गन्ना विभाग की सहायता से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की स्वयं सहायता समूहों की दो सौ से ज्यादा महिलाएं वसंत कालीन गन्ने की बुवाई के लिए गन्ने की नर्सरी को तैयार कर रहीं हैं। गन्ना विभाग ने इन महिलाओं को नवीनतम प्रजाति के गन्ने का बीज उपलब्ध कराया है। महिलाओं ने अपने प्लॉटों में गन्ने की नर्सरी को तैयार करना शुरू कर दिया है। पौध तैयार होने के बाद महिलाएं स्वयं लागत से हिसाब से सीधे किसानों को बेचकर मुनाफा कमा रही हैं।
धामपुर गन्ना समिति क्षेत्र के गांवों में दो दर्जन से ज्यादा महिलाओं के समूह हैं। प्रत्येक समूह में करीब 12 से 15 महिलाएं शामिल हैं। गन्ना विभाग की सहायता से एक दर्जन से ज्यादा समूहों की महिलाएं गन्ने की नर्सरी को तैयार कर रही हैं। गन्ना विभाग के ज्येष्ठ विकास निरीक्षक अमित कुमार पांडेय का कहना है कि विभाग की ओर से इन महिलाओं को शोध केंद्रों से गन्ने की नवीन प्रजातियों का बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रति एकल आंख पर विभाग का दो रुपये की लागत आ रही है। कई गांवों में नर्सरी तैयार हो रही है। नर्सरी को तैयार करने में करीब 20 से 25 दिन का समय लग रहा है। महिलाएं प्रति पौध को लागत के हिसाब से किसानों को बेच सकती हैं। प्रति पौध की कीमत महिलाओं द्वारा निर्धारित किया जाएगा।
नर्सरी में तैयार पौधों से होगी वसंत कालीन गन्ने की बुवाई
गांव गांव नैंसीवाला, अजीतपुर, परमावाला, पीपलसाना की महिला प्रेमवती रानी, गोमती, किरन देवी आदि का कहना है कि विभाग द्वारा उनकी मदद की जा रही है। उन्हें कोसा. 13235, सीओएलके 14201 नवीन अगेती प्रजाति का शोध केंद्रों से बीज उपलब्ध करा दिया गया है। वह मशीन से गन्ने से एकल आंख को काट कर गन्ने की नर्सरी को तैयार कर रही है। नर्सरी में तैयार पौधों से ट्रेंच विधि से वसंत कालीन गन्ने की बुवाई होगी।
पंजीकृत किसानों को ही मिलेगा बीज : एससीडीआई
गन्ना विभाग के अधिकारियों का कहना है विभाग की ओर से मार्च के अंत तक 25 हजार हेक्टेयर में वसंत कालीन गन्ने की बुवाई करने का लक्ष्य रखा गया है। जिन किसानों ने वसंत कालीन गन्ने की बुवाई के बीज लेने के लिए पंजीकरण करा रखा है। उन्हें बीज दिया जा रहा है। अब तक लक्ष्य के सापेक्ष करीब 15 प्रतिशत प्लॉटों में गन्ने की बुवाई हो चुकी है।
पैड़ी खेत में मल्चर का प्रयोग जरूर करें किसान: जीएम गन्ना
गन्ना जीएम ओमवीर सिंह का कहना है कि किसान गन्ने की बढ़िया पैदावार लेने के लिए खेत की मिट्टी पलट हल से गहरी जुताई जरूर करें। पैड़ी गन्ने में मल्चर का प्रयोग करें। ऐसा करने से पैड़ी गन्ने के खेत में जमा खरपतवार और फैली पत्ती सब कुछ कटकर नष्ट हो जाते है। जमीन की उपजाऊ क्षमता बढ़ती है।