जिले मे छिपे मिले 200 से ज्यादा जमाती
बिजनौर। चेकिंग अभियान में पुलिस को जिले भर में मस्जिदों व मदरसों में करीब 200 से ज्यादा जमाती मिले। यूपी, बिहार, राजस्थान, गुजरात और असम के ये जमाती पुलिस प्रशासन को सूचना दिए बगैर रह रहे थे। पुलिस ने सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराया है। अभी किसी में कोरोना के लक्षण नहीं मिले हैं। पुलिस ने सभी को मस्जिदों व मदरसों में ही क्वारंटीन किया है। कई लोगों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज की है।
जिले के बढ़ापुर क्षेत्र में लॉकडाउन से पूर्व 39 जमाती, गंज क्षेत्र से 19, नहटौर के मोहल्ला सादात सहदरी से आठ लोगों, गांव करौंदा पच्दू स्थित मस्जिद से राजस्थान के सात जमाती मिले। रेहड़ के गांव सीरवासुचंद में मदरसे में असम के 11 जमाती मिले, चांदपुर और मंडावर में पांचों जमाती मिले। उधर, नगीना के गांव मझेड़ा निवासी अब्दुल समी, हकीमुद्दीन, मोहम्मद अरशद व गांव पुरैनी निवासी नवाब अली 17 दिसंबर 2019 को जमात के लिए गाजियाबाद गए थे। चारों 30 मार्च को लौटे। चारों को सीएचसी लाकर जांच कराई गई। उन्हें क्वारंटीन में रहने को कहा गया है।
सालमाबाद में जमाती रोकने पर विवाद
बिजनौर। कोतवाली शहर के गांव सालमाबाद भरैरा के जंगल में जा रहे जमात के कुछ लोगों को गांव वालों ने रोक लिया। गांव पेदी से दूसरे वर्ग के लोग वहां आए और जमात रोकने का विरोध किया। इससे तनाव की स्थिति पैदा हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को खदेड़ा। पुलिस जमातियों को ट्रैक्टर ट्राली में लेकर जिला अस्पताल पहुंची और मेडिकल जांच कराई। इसके बाद क्वारंटीन के लिए शेल्टर हाउस भेज दिया। वहां वे 14 दिन रहेंगे। शहर कोतवाल रमेशचंद्र शर्मा के अनुसार जमाती दो माह से जमात में निकले हुए थे। तब से ही नूरपुर क्षेत्र के अम्हेड़ा में धार्मिक स्थल में रह रहे थे। जिले भर में घूमने का भी पता चला है। एसआई विनोद शर्मा ने लॉकडाउन के उल्लंघन के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है। सभी जमाती जिले के ही रहने वाले हैं।
14 मदरसा छात्रों को किया आइसोलेट
नहटौर। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मोहल्ला पीर शहीद काला स्थित मदरसा फैजुल उलूम पहुंची। वहां बिहार के 14 छात्र मिले, जो लॉकडाउन के चलते अपने घर नहीं जा पा रहे हैं। उन सभी को अलग अलग कमरो में आइसोलेट किया गया है। इनके अलावा 8 जमातियों की जांच की। प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि यदि क्षेत्र में कहीं जमात ठहरी हो या फिर मदरसों में बाहर के बच्चे हैं तो मस्जिद व मदरसा प्रबंधन उनको सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाकर जांच जरूर कराएं।