बिजनौर में ठंड में बाइक पर बच्चे को गर्म कपड़ों में लपेटकर ले जाती महिला।
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सोमवार रहा अब तक का सबसे ठंडा दिन
बिजनौर। लगातार पड़ रहे पाले ने जिलेवासियों के हाड़ तक कंपा दिए हैं। पाले से सोमवार को इस सर्दी का सबसे ठंडा दिन रहा। पाला से जिले का न्यूनतम तापमान गिरकर एक डिग्री तक पहुंच गया है। सर्दी से बचाव के लिए कई जगह अलाव भी जलने लगे हैं। दिसंबर 2018 के बाद इस साल सबसे ज्यादा ठंड रही है।
रविवार को पाले और शीतलहर ने मौसम को ठंडा कर दिया था। सोमवार को शीतलहर तो नहीं चली, लेकिन पाले से हुई ठंड ने कोई कसर रहने भी नहीं दी। सुबह के समय खेतों, मैदानों, सड़क किनारे पड़े कूड़े आदि पर बर्फ की सफेद चादर जमी रही। गन्ने के बड़े बड़े खेतों में पाला जमा रहा। सवेरे जल्दी खेतों पर जाने वाले किसानों का पाले से हाल बुरा रहा। सूरज निकलने के बाद लोगों ने ठंड से बचने के लिए धूप का ही सहारा लिया। सरकारी व निजी कार्यालयों में हीटर चलाकर काम किया जा रहा है।
2018 के बाद सबसे ठंडा दिसंबर
जिले में तीन साल बाद दिसंबर इतना सर्द रहा है। नगीना स्थित मौसम वेधशाला के प्रेक्षक सतीश कुमार के अनुसार 29 दिसंबर 2018 को जिले का न्यूनतम तापमान करीब करीब शून्य डिग्री तक पहुंच गया था। तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस रहा था। इसके बाद तापमान हमेशा एक डिग्री से अधिक ही रहा था।
पांच दिन का तापमान
दिन अधिकतम न्यूनतम
16 दिसंबर 21.6 1.6
17 दिसंबर 19 6.4
18 दिसंबर 12.8 5.8
19 दिसंबर 18 2.2
20 दिसंबर 19 01
नोट: तापमान डिग्री सेल्सियस में, नगीना स्थित मौसम वेधशाला से लिया गया है।
बिजनौर में ठंड में जाती स्कूटी सवार।- फोटो : BIJNOR