महाराजगंज के विधायक अमनमणि त्रिपाठी बिना पास के बद्रीनाथ जाने की जिद पर अड़े थे। विधायक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता के पितृ कार्य के लिए बद्रीनाथ जाने को निकले थे।
उत्तराखंड में मुनि की रेती में पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। बाद में निजी मुचलके पर उन्हें छोड़ दिया था। इसके बाद विधायक बिना पास के लॉक डाउन का उल्लंघन करने के लिए बिजनौर की सीमा में आ घुसे और पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
महाराजगंज के विधायक अमनमणि त्रिपाठी अपने सभी छह साथियों के साथ बिना पास के लॉक डाउन में बद्रीनाथ जाने के लिए निकले थे। उन्हें गोचर में रोक लिया गया। पुलिस के मुताबिक विधायक अपने साथियों के साथ पुलिस से उलझ गए और पुलिस के साथ बदसलूकी की। पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और उन्हें आगे नहीं जाने दिया।
उत्तराखंड के मुनि की रेती थाने में विधायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। वहां निजी मुचकले पर उन्हें छोड़ दिया गया। सोमवार को विधायक वहां से वापस आ रहे थे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले की पुलिस ने विधायक अमनमणि त्रिपाठी व उनके साथियों को दबोचने के लिए नजीबाबाद क्षेत्र में जाल बिछा दिया। नजीबाबाद क्षेत्र में प्रवेश करते ही विधायक को पुलिस ने दबोच लिया और उन्हें थाने ले आई। पुलिस को पहले ही पता चल गया था कि उत्तराखंड की ओर से विधायक अपने साथियों के साथ आ रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक विधायक अमनमणि त्रिपाठी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पितृ कार्य करने के लिए बद्रीनाथ जाने की जिद पर अड़े थे। पर उत्तराखंड पुलिस ने उन्हें नहीं जाने दिया। यह बात उत्तराखंड के अफसरों ने यूपी के मुख्यमंत्री को बताई। तब जाकर नजीबाबाद में विधायक की घेराबंदी शुरू हुई।