विधायक निधि आई, पर विधायकों ने नहीं भेजे विकास के प्रस्ताव
अजीत चौधरी
बिजनौर। विधायक काल के आखिरी साल में जिले के अधिकतर विधायकों ने अभी विकास कार्य कराने के लिए प्रस्ताव देने में अभी कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। ऐसा तब हुआ है जब पिछले साल कोरोना की वजह से विधायक निधि जारी नहीं हुई थी और यह चुनावी साल है। सरकार ने भी निधि की किस्त जारी कर दी है, लेकिन जिले के विधायकों ने अब तक विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव प्रशासन को नहीं दिए हैं।
जिले में आठ विधायक हैं, पांच भाजपा के और तीन सपा के। विधायकों को विकास कार्य कराने के लिए सरकार से हर साल दो करोड़ 40 लाख रुपये मिलता है। इसमें से 40 लाख रुपये विधायक निधि से होने वाले कामों की जीएसटी होती है। विधायक अपनी निधि से विकास कार्यों के प्रस्ताव बनाकर प्रशासन को देते हैं और फिर उस पर काम होता है। पिछले साल कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लंबे समय तक लॉकडाउन लगा रहा था। तब पैसे की व्यवस्था करने के लिए राज्य सरकार ने एक साल के लिए विधायक निधि सस्पेंड कर दी थी। विधायकों को निधि जारी नहीं की गई थी। ये चुनावी साल है। अगले साल चुनाव होने हैं और जनवरी या फरवरी में ही आचार संहिता लागू हो जाएगी। अप्रैल और मई का महीना निकल चुका है। एक तरह से अब विधायकों को निधि खर्च करने के लिए सात से आठ महीने का ही वक्त है। जिले के आठ विधायकों में से केवल चांदपुर से भाजपा विधायक कमलेश सैनी ने ही करीब 50 लाख रुपये लागत के विकास कार्यों का प्रस्ताव सौंपा है।
मिली ज्यादा निधि
बाकी सालों में सरकार विधायक निधि में दो करोड़ 40 लाख रुपये देती थी। इस साल के लिए निधि तीन करोड़ की गई है। इसमें जीएसटी भी शामिल है। विकास कार्य कराने के लिए विधायकों के पास ज्यादा पैसा रहेगा।
इन कामों में होती है खर्च
विधायक निधि सड़क, नाली, स्कूल, पुल निर्माण आदि में खर्च की जाती है। आमतौर पर विधायक लंबी सड़क बनवाने के बजाए सड़कों के छोटे-छोटे टुकड़े बनवाते हैं। इससे ज्याद जगहों पर काम कराया जा सकता है।
बीमार हैं विधायक
सपा जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन के अनुसार पार्टी के विधायक बीमार चल रहे हैं। जल्द ही विधायकों से बात करके विकास प्रस्ताव भिजवाए जाएंगे।