बिजनौर। कॉलोनी वैध हैं या अवैध, यह बात अलग है मगर कॉलोनियों को लेकर सदर विधायक सुचि मौसम चौधरी और जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह आमने-सामने आ गए हैं। सोकेंद्र प्रताप की ओर फेसबुक पर पोस्ट लिखी गई है तो सुचि चौधरी ने एक प्रेस नोट जारी किया है।
सदर विधायक सुचि मौसम चौधरी ने जारी एक प्रेस नोट में कहा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह की ओर से डीएम को आठ कॉलोनियों की शिकायत की गई है, जोकि जिला पंचायत के क्षेत्र भी नहीं आती हैं। इन सभी आठ कॉलोनियों में हिंदू आबादी है। दस से 12 साल पुरानी इन कॉलोनियों में मकानों के नक्शे, बैंक लोन और बिजली स्वीकृत हैं। जिनके ध्वस्तीकरण की मांग अमानवीय है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और बिजनौर विकास प्राधिकरण के गठन के लिए प्रयास किया जाएगा। चौधरी ने कहा कि उनकी ओर से काली मंदिर के पास विकसित की जा रही कॉलोनी की शिकायत की गई थी, जिसमें मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा 30 हिंदू परिवारों को बैनामे किए गए हैं।
बैनामे में लिखा है कि उक्त कॉलोनी की धारा 80 हो चुकी है, जबकि मंडलायुक्त ने धारा 80 के आदेश को निरस्त कर दिया है। विधायक ने यह भी कहा कि उन्हें भी अवैध कॉलोनी का निवासी बताया गया है, जबकि उनका कोई निवास स्थान शिकायत की जद में आए गाटा संख्या में नहीं है।
उधर, विधायक के प्रेस नोट जारी करने से पहले सोमवार को दोपहर में जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी की आईडी से फेसबुक पर पोस्ट की गई, जिसमें लिखा गया है कि कुछ वर्षों से उनके प्रति राजनीति षड्यंत्र होते रहे हैं। धैर्य की भी सीमा होती है। बुराई का प्रतिकार भी जरूरी है। हालांकि इस पोस्ट में किसी नेता के नाम का जिक्र नहीं किया था।
- सोशल मीडिया पर भिड़े नजर आए समर्थक
सोमवार को पूरे दिन सोशल मीडिया पर जिला पंचायत अध्यक्ष और सदर विधायक सूची मौसम चौधरी के समर्थक भी आपस में भिड़ते नजर आए। कॉलोनियों पर प्रशासन की कार्रवाई पर दोनों पक्षों के समर्थक एक दूसरे को गलत बताने में लगे रहे।
सुचि चौधरी का कहना है कि लोगों में भ्रम फैलाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने तो ब जनता के सामने अपना पक्ष रखा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी का कहना है कि उन्होंने अभी इस मामले की पूरी जानकारी नहीं की है। वह शीघ्र ही इस मामले में अपना पक्ष रखेंगे।