फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी खाद्यान्न की हेराफेरी : रात में पकड़ा गया ट्रक, सुबह मिला गायब

विज्ञापन
विज्ञापन
सरकारी खाद्यान्न की हेराफेरी : रात में पकड़ा गया ट्रक, सुबह मिला गायब
विज्ञापन

चांदपुर (बिजनौर)। चांदपुर नूरपुर रोड पर स्थित एसएफसी गोदाम पर खाद्यान्न की हेराफरी की सूचना पर एसडीएम व सीओ ने छापामारी की। रात में एसडीएम ने खाद्यान्न से लदा ट्रक पकड़कर कर्मचारी की अभिरक्षा में दिया था, लेकिन वह सुबह गायब मिला। खाद्यान्न में हेराफेरी की आशंका में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने एसएफसी गोदाम प्रभारी सहित दो को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रविवार को एसडीएम मांगेराम चौहान को एसएफसी गोदाम में सरकारी खाद्यान्न की हेराफेरी की सूचना मिली। उन्होंने और सीओ सुनीता दहिया ने गोदाम पर छापामारी की। इस दौरान मौके पर एक ट्रक खड़ा मिला, जिसमें प्लास्टिक के भरे बोरे रखे मिले। गोदाम के अंदर कुछ प्लास्टिक के भरे बोरे व कुछ जूट के खाली बोरे मिले। जिससे प्रतीत हो रहा था कि सरकारी खाद्यान्न की जूट के बोरों से प्लास्टिक के बोरे में पलटी की जा रही है। गोदाम के मौजूद व्यक्ति से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम सुरेश कुमार व गोदाम का चौकीदार बताया। उपजिलाधिकारी ने गोदाम प्रभारी द्वारा फोन रिसीव नहीं करने पर रात में ट्रक को गोदाम पर मौजूद सुरेश कुमार की अभिरक्षा में दिया था।
विज्ञापन

सोमवार को उपजिलाधिकारी के निर्देशन में भौतिक सत्यापन के लिए गोदाम पर पहुंचे क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने चौकीदार सुरेश से ट्रक के बारे में पूछा तो उसने बताया कि रविवार की रात करीब एक बजे एक अज्ञात व्यक्ति गोदाम के अंदर घुस आया, उस व्यक्ति ने जान से मारने की धमकी देते हुए गोदाम का मेन गेट खुलवा लिया। ट्रक के साथ आठ दस लोग अंदर घुस आए। शोर मचाने पर वे लोग ट्रक लेकर भाग गए। सारी घटना के बारे में गोदाम प्रभारी को बताया।
विज्ञापन

क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी स्वेज पंवार ने बताया कि गोदाम प्रभारी की मौजूदगी में हुए भौतिक सत्यापन में बोरों की संख्या स्टाक रजिस्टर में दर्ज कुल बोरों की संख्या के बराबर पाई गई, लेकिन रविवार 19 जून को गोदाम में खाद्यान्न के लदे ट्रक के बारे में जांच टीम द्वारा पूछे जाने पर गोदाम प्रभारी द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया न ही गोदाम में खड़े ट्रक व मुंह बंद व खुले प्लास्टिक के बोरे तथा उनके समीप में रखे खाली जूट के बोरों के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं मिला। यह मामला खाद्यान्न स्टॉक का पलटी (अपयोजन) करना शंकित करता है। जिलाधिकारी के अनुमोदन के अनुपालन में गोदाम प्रभारी सतेंद्र पाल, सुरेश कुमार व अन्य अज्ञात संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें