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मंत्री जी गंगा की धारा फसलों को कर रही बर्बाद

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मंत्री जी गंगा की धारा फसलों को कर रही बर्बाद
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बेगावाला। खादर में कटान करके गांवों की ओर बढ़ रही गंगा की धारा फसलों को बर्बाद कर दी है। खेत नीचे होने के कारण गंगा से रिसा पानी खेतों में भरा रहता है। हजारों बीघा जमीन में केवल धान की फसल ही बोई जा रही है। गांव वालों ने यह मुद्दा प्रभारी मंत्री कपिलदेव अग्रवाल के सामने उठाया है।
गंगा किनारे खादर में कई गांव हैं। गंगा हर साल बरसात में कटान करते हुए इन गांवों की ओर बढ़ रही है। मंडावली के पास पहले गंगा रावली तटबंध से डेढ़ किलोमीटर दूर बहती थी। अब गंगा की धारा तटबंध से सटकर बह रही है। गंगा की धारा ने पिछले कुछ सालों में करीब डेढ़ किलोमीटर की रेत काटकर बहा दी है। गंगा की धारा से कुछ दूर स्थित खेतों का तल धारा से नीचा है। गंगा में लगातार पानी बहने से क्षेत्र का वाटर लेबल बहुत ऊंचा है। अब गंगा का पानी अंदर ही अंदर रिसकर किसानों के खेतों में भर रहा है। खेतों में 12 महीने पानी भरा रहता है। इससे करीब सवा तीन हजार बीघा जमीन में खेती प्रभावित हो रही है।
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किसान खेतों में धान की फसल के अलावा बाकी फसल मुश्किल से ही बो पा रहे हैं। अगर जमीन में गेहूं बो भी देते हैं तो आधा बीज ही जमता है। हाल यह है कि एक स्थान पर तो रिसे हुए पानी से झील भी बन गई है। इसमें 12 महीने पानी बहता है। जब बरसात में गंगा का जलस्तर बढ़ता है तो इस झील से भी पानी भर जाता है। गांव वालों ने यह मुद्दा रविवार को गांव में आए प्रभारी मंत्री कपिलदेव अग्रवाल के सामने भी उठाया। श्यामल मंडल ने कहा कि गंगा की धारा लगातार गांवों की ओर आने व खेतों में पानी भरने से किसान परेशान हैं। अगर यही हालत रही तो किसानों को खेती छोड़नी पड़ेगी। विधायक के पति एश्वर्य चौधरी ने कहा कि गंगा पर तटबंध बनाने को 65 करोड़ का प्रस्ताव भेज दिया गया है। तटबंध बनने पर गांव वालों को इस समस्या से निजात मिल जाएगी।
ये गांव हो रहे प्रभावित
गांव धर्मनगरी, घासीवाला, हेमराज बंगाली कॉलोनी, रावली, ब्रह्मपुरी, सेवारामपुर, शहजादपुर आदि गांव के खेतों में गंगा का पानी रिसकर बह रहा है।
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