हरेवली में साहूवाला वन रेंज के वनों में दो दिन से लगी भीषण आग ने करीब पांच किलोमीटर परिधि के वन क्षेत्र को चपेट में ले लिया है, जिससे लाखों रुपये की वन संपदा जल कर नष्ट हो गई है। वनों में विचरण करने वाले वन्य जीव आग की लपटों से आक्रामक हो गए हैं। इन्होंने आग से बचाव के लिए आबादी की ओर रुख कर लिया है। वनों की इस आग ने किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन में गन्ने की लहलहाती फसल को भी नष्ट कर डाला है। कई ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत करने के बाद भी वन विभाग सुनवाई नहीं कर रहा है।
गांव भगोता, शाहनगर कुराली, टांडा रामनगर गोसाई, इनायतपुर, हरेवली, चाहडवाला के ग्रामीण रामपाल सिंह, मोहम्मद हारून, जाबुल हसन, नूर हसन, अली हसन, अकबर ,शमशाद, चंद्रपाल सिंह, जयपाल सिंह आदि ने कहा कि वन क्षेत्रों में दो दिन से आग लगी है। अब तक करीब पांच किमी परिधि के वनों को आग ने चपेट में ले लिया है। आग की अभी वनों में भयावह स्थिति बनी है। आग से वन्य जीव मुश्किल में आ गए है। रेंगने वाले जीव तो जल कर ही नष्ट हो रहे हैं। वनों की इस आग ने सब कुुछ तबाह कर रखा है। आरोप है कि शिकायत के बाद भी वन विभाग की ओर से वनों की आग को शांत करने को कोई प्रयास नहीं किया गया है। वनों की आग आबादी की ओर बढ़ने से लोगों में बेचैनी पैदा हो रही है। लोगों का कहना है कि आग से अब तक कई गांवों के सैकड़ों किसानों की खेतों में लहलहाती गन्ने की पैड़ी फसल जल कर नष्ट हो गई है। यदि विभाग ने आग पर काबू नहीं किया तो कई गांवों को भी आग की लपटें नुकसान पहुंचाना शुरू कर देगी।
वहीं नांगलसोती/मंडावली। नांगलसोती के गांव दिनौड़ी में सर्वेश के घर में आग लग गई, जिससे घर का सामान जल गया। । गांव चमरौला में सत्यवीर और जसवीर का कई बीघा गन्ना तथा चंदोक में आग लगने से योगेंद्र का दो बीघा गेहूं जल गया। उधर, मंडावली के गांव गूढा में जगदीश के छप्पर में लगी आग से घरेलू सामान तथा पड़ोस में आग फैलने से जौहर सिंह, ऊदल सिंह, गोविंद सिंह की बुग्गियां जल गई।
झोपड़ी में लगी आग
अफजलगढ़। गांव आलमपुर गांबड़ी में एक श्रमिक के झोपड़ी में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। आग लगने के कारणों का पता नहीं लग सका है। आग की चपेट में आने से उसके तीन पशु भी गंभीर रूप से झुलस गए हैं। ग्रामीणों ने किसी तरह से मिट्टी और पानी से आग पर काबू किया।गांव के अनिल कुमार पुत्र खुशीराम सिंह ने बताया कि उस का घर गांव के पश्चिम में रोड के निकट है। बुधवार की सुबह वह परिवार के साथ गेहूं की कटाई करने जंगल गया हुआ था। उनके बच्चे पड़ोस में खेल रहे थे। अचानक 10 बजे उसके घर में आग लग गई। आग की लपटों को देख ग्रामीणों में चीख पुकार मच गई। देखते ही देखते आग ने पड़ोस की सोनो देवी के घेर को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग से पशु गंभीर रूप से झुलस गए। आग से हजारों रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, सोनो देवी की पशुशाला में बंधे तीन पशु भैंस , बैल और एक कटिया बुरी तरह से झुलसी है। ग्रामीणों ने किसी तरह से पशुओं को उनके रस्सों को काट कर पशुशाला से निकाला। पीड़ितों को नुकसान की भरपाई कराने की मांग की है। उधर, हलका लेखपाल जगदीश सिंह ने बताया कि उनके द्वारा पीड़ितों को मुआवजा दिलाने को एसडीएम को रिपोर्ट भेज दी है ।
कोल्हू में आग से गुड़ सहित लाखों का सामान जला
हल्दौर में एचटी लाइन से निकली चिंगारी से एक पॉवर कोल्हू में गुड़ सहित लाखों रुपये का सामान जल गया। आग की चपेट में आकर 300 कबूतर भी जलकर मर गए। कोल्हू पर काम करने वाले पांच कर्मचारी भी आग में झुलस गए। इस हादसे से नाराज क्षेत्रवासी पैजनियां बिजलीघर पर पहुंचकर हंगामा किया। ग्रामीणों के रुख को देखते हुए कर्मचारी बिजलीघर पर ताला लगाकर चंपत हो गए। बिजनौर और चांदपुर से आई फायर ब्रिगेड ने आग पर बड़ी मुश्किल के बाद काबू पाया।
जिला सहारनपुर के थाना देवबंद के मोहल्ला खेड़ा मुगल के इस्लाम ने पैजनियां के पास पावर कोल्हू चलाते हैं। पावर कोल्हू के पास बनी झोपड़ी के ऊपर से गुजर रही एचटी लाइन में बुधवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे स्पार्किंग हो गई। इसकी चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई।
झोपड़ी में लगी आग देखते ही देखते कोल्हू में फैल गई। किसानों ने नलकूपों आदि से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। आग की चपेट में आकर किसानों को देने के लिए रखी दो लाख की नकदी, गन्ने की खोई के चार बूंगे, झोपड़ी में बंद 300 कबूतर, गुड़ आदि सामान जल गया। आग बुझाने की कोशिश में पावर कोल्हू में काम करने वाले जीशान, मुकीम, सलमान, शाहवेज व वकील भी झुलस गए। सूचना पर बिजनौर व चांदपुर से गई दो फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया।
इस घटना से आक्रोशित क्षेत्रवासी पैजनियां बिजलीघर पहुंचे तो वहां मौजूद कर्मचारी बिजली घर पर ताला लगाकर चंपत हो गए। करीब सात लाख का सामान के नुकसान होने का अनुमान जताया गया है।
गेहूं की फसल जल कर राख
रेहड़ में गांव हर्रायवाला के मौजा गोपालवाला में गेहूं के खेतों में अचानक आग लगने से अफरातफरी का आलम हो गया। रेहड़ और हर्रायवाला के किसानों का सैकड़ों बीघा गेहूं जल गया। किसानों ने एसडीएम से मुआवजे की मांग की है। आरोप है कि आग पर काबू पाने को सूचना देने के बाद भी फायर बिग्रेड के मौके पर न पहुंचने से किसानों में जबरदस्त रोष है। गांव हर्रायवाला रेहड़ के किसान दीवान सिंह, भागीरथ, गुड्डू, पवन, नईम, याकूब, राबिद, साजिद, पुखराज, जयपाल, महीपाल, अनिल, शंकर , तेजपाल, रिक्खी का कहना है कि उनके गांव के दर्जनों किसानों की लगभग 300 बीघा खेत में खड़ा गेहूं आग लगने के कारण जलकर नष्ट हो गया। किसानों ने कहा कि उनके खाने के लिए अनाज का एक भी दाना नहीं बचा है।