कलक्ट्रेट सभागार में मिल प्रबंधकों की बैठक को संबोधित करतीं डीएम।
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बिजनौर में गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं करने पर बिलाई शुगर मिल के खिलाफ तीसरी बार एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस बार प्रशासन ने मिल मालिक कुशाग्र बजाज समेत पांच अधिकारियों पर शिकंजा कसा है।
किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर बिलाई मिल ने शुरू से ही ढील बरती। इसको लेकर प्रशासन की ओर से सात महीने के अंतराल में दो बार एफआईआर दर्ज कराई गई, लेकिन मिल मालिकों के कान पर जूं नहीं रेंगा। बकाया गन्ना मूल्य की धनराशि लगातार बढ़ती गई। अब यह धनराशि करीब 108 करोड़ हो गई। किसान भुगतान को लेकर डीएम बी चंद्रकला से मिले। डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार डीएम ने मामले में सख्त रुख अपनाया। डीसी की ओर से हल्दौर थाने में मिल मालिक कुशाग्र बजाज, डायरेक्टर ग्रुप आपरेशन एके गुप्ता, चीफ फाइनेंस आफिसर वीपी अग्रवाल, कोआर्डिनेटर वित्त अनुपम भटनागर, अध्याशी शुगर मिल बिलाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। डीसीओ के अनुसार मिल के अध्याशी का पद रिक्त होने से एफआईआर में नाम नहीं दिया गया है। वहीं धामपुर में तहसीलदार डॉ. जगन्नाथ सिंह ने मासिक लक्ष्य के सापेक्ष वसूली नहीं करने वाले संग्रह अमीनों की जमकर क्लास ली। तहसीलदार ने बताया कि देहात क्षेत्र में तैनात अमीन को एक लाख रुपये मासिक व नगर क्षेत्रों में कार्यरत अमीनों को माह में पांच लाख की वसूली का टारगेट दे रखा है। आश्चर्य की बात है कि अधिकांश अमीन वसूली के लक्ष्य में पिछड़ रहे हैं। उनको सख्त हिदायत है कि वे वसूली के मामले में कोताही न करें। यदि मासिक लक्ष्य के सापेक्ष वसूलयाबी नहीं हुई तो उन पर कार्रवाई होगी।