दुग्ध उत्पादकों के बनेंगे एक लाख 60 हजार रुपये तक के केसीसी
बिजनौर। दुग्ध उत्पादन से जुड़ बिना जमीन वाले पशुपालकों के भी अब बिना गारंटी के किसान क्रेडिट कार्ड बनेंगे। इस क्रेडिट कार्ड पर किसान बैंकों से एक लाख 60 हजार रुपये तक का लोन ले सकते हैं। पशुओं के भरण पोषण के लिए यह पैसा दिया जाएगा। लोन का पैसा एक साल के अंदर जमा करने पर ब्याज में सब्सिडी दी जाएगी।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। पिछले साल केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत योजना के अंतर्गत पशुपालन को भी शामिल किया है। इसके अंतर्गत प्रावधान था कि किसी किसान का क्रेडिट कार्ड तीन लाख से कम होने पर पशुपालन के लिए उसे तीन लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकता था। तीन लाख तक का लोन लेकर एक साल में पैसा जमा करने पर किसानों को ब्याज में तीन प्रतिशत की सब्सिडी मिलती है। अब केंद्र सरकार ने इस योजना को और बढ़ा दिया है।
गांवों में काफी लोग दुग्ध उत्पादन करते हैं, लेकिन उनके पास जमीन नहीं होती है। ऐसे परिवारों को बैंकों से लोन भी नहीं मिल पाता है। केंद्र सरकार अब बिना जमीन वाले दुग्ध उत्पादकों के भी किसान क्रेडिट कार्ड बनवाएगी। इन लोगों को बैंकों से एक लाख 60 हजार रुपये तक का लोन मिल सकेगा। जो लोग पहले से ही दुग्ध उत्पादन में लगे हैं उन्हें यह लोन दिया जाएगा। पराग डेरी से जुड़े दुग्ध उत्पादक अपने आवेदन पराग डेरी कार्यालय व बाकी किसान अपने आवेदन अपने क्षेत्र के पशु चिकित्सालय में जमा कर सकते हैं।
फार्म करें जमा पशुपालक
पराग के मुरादाबाद मंडल के जीएम दलजीत सिंह के अनुसार पराग से जुड़े दुग्ध उत्पादक जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय में फार्म जमा कर सकते हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह के अनुसार दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए दुग्ध उत्पादक योजना के लिए आवेदन करें। अधिक से अधिक पात्रों को योजना का लाभ दिलाया जाएगा।