पलायन रुका, लॉकडाउन पर पुलिस सख्त
बिजनौर। लॉकडाउन के पांचवें दिन पलायन ठहर गया है। दो दिन से पलायन करने वाले लोग अब नजर नहीं आ रहे हैं। इक्का दुक्का लोग ही अपने घरों को जाते दिखाई दिए। जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं। बाहर से आ रहे कुछ लोगों को उत्तराखंड सीमा पर रोक दिया गया है। पुलिस पूरे दिन लॉकडाउन का पालन कराने में जुटी रही।
बिजनौर में सोमवार को पलायन करने वाले लोग नजर नहीं आए। इक्का दुक्का लोग ही अपने घरों को जाते दिखाई दिए। उत्तराखंड से दिल्ली जा रहे एक दल को पुलिस ने नगर पालिका के शेल्टर हाउस में ठहराया है। पंजाब, चंडीगढ़, हरिद्वार, हरियाणा में नौकरी करने वाले लोग काम काज ठप होने के बाद सोमवार को परिवार के साथ पैदल ही शाहजहांपुर, चंदौसी, बरेली, मुरादाबाद के लिए रवाना हो रहे थे। सोमवार को इक्का दुक्का परिवार ही जाते दिखे। हरियाणा की रहने वाली रामकली लखनऊ में घरों में साफ सफाई का काम करती थी। लॉकडाउन हुआ तो काम छूट गया, मकान मालिक ने भी वायरस फैलने के डर से घर से निकाल दिया, अब अपने क्षेत्र के मजदूरों के साथ वह हरियाणा जा रही है।
रामकली का कहना है कि पूरे परिवार को अच्छाखासा काम छोड़कर पैदल जाना पड़ रहा है, पैरों में छाले पड़ गए हैं और थकान के मारे हाल बेहाल है। नजीबाबाद में उत्तराखंड बॉर्डर को सील कर दिया गया है। किसी को नहीं आने दिया जा रहा है। प्रशासन ने पलायन करने वालों के लिए संतोषी माता मंदिर और किरतपुर सहित तीन शेल्टर हाउस बनाए हैं। अगर श्रमिक किसी तरह आ जाते हैं तो उन्हें यहां रखा जाएगा। चांदपुर में सुल्तानपुर के 41 मजदूर फंसे हैं। ये यहां आइसक्रीम फैक्ट्री में काम करने के साथ आइसक्रीम बेचने का काम करते हैं। लॉकडाउन का समय ये अपने परिवार के साथ बिताना चाहते हैं। उदल, मूलचंद, सियाराम, बलराम ने बताया कि वे अपने गांवों को जाना चाहते हैं। वहां कुछ दिन परिवार के साथ बिताएंगे और मेहनत मजदूरी करके गुजारा कर लेंगे।