नजीबाबाद (बिजनौर)। मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे आठ घंटे तक बंद रहा। नजीबाबाद कोटद्वार के बीच जाफराबाद के पास करीब पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। दरअसल पुलिया के निर्माण के चलते वैकल्पिक रास्ता बनाया गया है। अब यह रास्ता बारिश में धंसा तो वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। पुलिस ने हाईवे पर मोर्चा संभाला। शाम करीब पांच बजे हाईवे पर यातायात सुचारू हो सका।
मेरठ-पौड़ी हाईवे पर नजीबाबाद से कोटद्वार के बीच जाफराबाद क्षेत्र में सुखरो नदी पुल के निकट एनएचएआई द्वारा जल निकासी के पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। एनएचएआई की ओर से वाहनों के आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की गई है। सुबह तड़के से क्षेत्र में बारिश होने से वैकल्पिक मार्ग धंस गया। जंगल क्षेत्र का पानी आने से वैकल्पिक मार्ग की मिट्टी कट गई और वाहनों का आवागमन ठप हो गया। सुबह नौ बजे से हाईवे पर जाम की स्थिति की उत्पन्न हो गई। दोपहर तक दोनों दिशा में करीब पांच किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई।
एनएचए की ओर से जेसीबी से मार्ग को दुरुस्त कराने के प्रयास किए। मार्ग पर मिट्टी डालने के बाद वाहनों का आवागमन शुरू हुआ। मार्ग पर जाम होने पर दोनों दिशा के वाहनों को एक-एक करके निकाला गया। मार्ग पर फिसलन के कारण कारों को धकेलना भी पड़ा। अपराह्न तीन बजे तक मार्ग पर जाम की स्थित बनी रही। करीब पांच बजे यातायात सुचारू हो सका।
- पानी को तरसते रहे राहगीर
नजीबाबाद। मेरठ-पौड़ी हाईवे के जाफराबाद क्षेत्र में जिस स्थान पर राहगीर जाम फंसे रहे, वहां पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। वन क्षेत्र होने के कारण न तो कोई दुकान है और न ही पानी के लिए कोई हैंडपंप। सुबह नौ बजे से शाम तक जाम में फंसे लोग पानी के लिए तरसते रहे। वहीं रूक-रूक कर हो रही बारिश भी लोगों के लिए मुसीबत बनी रही।
- पैदल गंतव्य को रवाना हुए यात्री
नजीबाबाद। जाफराबाद में घंटों जाम फंसे रहने पर कई बस और टैक्सी यात्री पैदल कोटद्वार के लिए रवाना हो गए। जहां जाम लगा हुआ था वहां से कोटद्वार की दूरी करीब दो से तीन किलोमीटर है। वहीं कोटद्वार दिशा से आने वाले राहगीर कोटद्वार-रायपुर मार्ग से होकर गंतव्य को रवाना हुआ।