बिजनौर। कोतवाली देहात के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ने अस्पताल में सरकारी दवा मौजूद होने के बाद भी मरीज को प्राइवेट मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के लिए पर्चा थमा दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब सीएमओ औचक निरीक्षण करने पहुंचे। सीएमओ ने दवा वापस कराकर मरीज को दवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से ही दिलाई। शुक्रवार को सीएमओ ने जिले भर के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान लगभग एक दर्जन स्वाथ्यकर्मी नदारद मिले। सीएमओ ने नजीबाबाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डाक्टर सर्वेश निराला को कड़ी फटकार लगाते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को सीएमओ विजय कुमार यादव ने जिले भर के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। सीएमओ के अनुसार कोतवाली देहात स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचने पर कोतवाली देहात के ही जतिन नामक एक व्यक्ति ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. प्रमोद कुमार देशवाल पर बाहरी दवा लिखने का आरोप लगाया। डा. प्रमोद कुमार देशवाल वहां नहीं मिले और न ही उनसे बात हो पाई। इसके अलावा हल्दौर, नहटौर, नगीना सीएचसी, नजीबाबाद पीएचसी, सीएचसी आदि का निरीक्षण किया। सीएमओ ने बताया कि नहटौर सीएचसी अधीक्षक डा. एचएम गुप्ता, नीलिमा रानी, कोतवाली देहात में स्टाफ नर्स हम्मा, संगीता पंवार, मनवीर सिंह, संजय कुमार, अर्चना सिंह आरबीएसके, नगीना सीएचसी पर डा. कुणाल नदारद मिले। नजीबाबाद पीएचसी पर व्यवस्थाएं ठीक न मिलने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. सर्वेश निराला को कड़ी फटकार लगाते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने के निर्देश दिए। नजीबाबाद के वैम पिंकु कुमार के 30 अक्तूबर से अनुपस्थित मिलने पर नाराजगी जताई। डा. फैज हैदर और विनोदबाला छुट्टी पर जाना बताए गए। सीएमओ ने बताया कि बिना बताए डयूटी से अनुपस्थित रहने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोतवाली देहात के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को अस्पताल में दवा होने के बावजूद बाहर से प्राइवेट दवा का पर्चा लिखने पर नोटिस जारी किया गया है।