बिजनौर में विवेक कॉलेज में प्रशिक्षण के दौरान सेनेटाइजर, मास्क व है़डवाश लेने के लिए गाड़ी पर चढ़
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कर्मचारियों में मची मास्क, हैंडवॉश लूटने की होड़
बिजनौर। पंचायत चुनाव के बैग वितरण में प्रशासन की लचर व्यवस्था की पोल खुल गई है। शुक्रवार को विवेक कॉलेज में कई घंटे अफरातफरी का माहौल रहा। सरकारी कर्मचारियों ने कोरोना की गाइडलाइन और चुनाव प्रशिक्षण की मर्यादाओं को तार तार कर दिया। बैग लेने के लिए लूट मची रही। कर्मचारी मास्क व हैंडवॉश से लदी गाड़ी पर टूट पड़े। जितना जिसके हाथ लगा ले उड़ा। दर्जनों कर्मचारी खाली हाथ रह गए। मौके पर कोई अधिकारी दिखाई नहीं पड़ा। कर्मचारी अधिकारियों को ढूंढते रहे। सैकड़ों कर्मचारी बिना बैग लिए घरों को लौट गए।
त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों का शुक्रवार को विवेक कालेज में द्वितीय प्रशिक्षण था। प्रशिक्षण में पीठासीन अधिकारियों को बुलाया गया था। प्रशिक्षण के बाद उन्हें चुनाव सामग्री का बैग दिया जाना था। बैग वितरण का जिम्मा कृषि विभाग पर रहता है। प्रशिक्षण का पहला बैच सुबह 10 बजे शुरू हुआ। कर्मचारियों के अनुसार डीएम रमाकांत पांडेय ने कहा था कि चुनाव सामग्री के बैग कर्मचारियों को कमरों में ही मिलेंगे। बैग एक दो कमरों में बंटना शुरू हुए, लेकिन करीब 11:30 बजे कर्मचारी कक्षों से बाहर आ गए और स्टाल से बैग लेने लगे। इसी बीच कुछ कर्मचारी बैग से लदे वाहन पर चढ़ गए और बैग उठाकर कर्मचारियों की ओर फेंकने लगे। इस दौरान दूसरी पाली में प्रशिक्षण लेने वाले पीठासीन अधिकारी भी आ गए। बस फिर क्या था, बैग लेने को लेकर अफरा तफरी मच गई। लोग बैग लेकर भाग रहे थे। कोई किसी की बात नहीं सुन रहा था।
इसके बाद भीड़ मास्क, हैंडवाश व सैनिटाइजर की गाड़ी पर टूट पड़ी। जिसके जितना सामान हाथ लगा ले उड़ा। काफी कर्मचारी कमरों में बैग मिलने की इंतजार में बैठे थे। शोर शराबा सुनकर जब वे बाहर आए तो मैदान साफ हो चुका था। बाद में माइक से घोषणा की गई कि जिन कर्मचारियों को बैग नहीं मिला है उन्हें संबंधित ब्लॉक से बैग मिलेगा। साथ ही ऐसे कर्मचारी 17 अप्रैल को विकास भवन स्थित जिला कृषि अधिकारी के दफ्तर से भी बैग ले सकते हैं। ऐसे कर्मचारियों की संख्या 500-600 बताई जाती है।
लचर व्यवस्था की खुली पोल
यदि कर्मचारियों की बात मानें तो पंचायत चुनाव प्रशिक्षण में प्रशासन की लचर व्यवस्था रही है। जिसकी पोल चुनाव बैग वितरण में खुल गई। कई चुनाव में ड्यूटी कर चुके कर्मचारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि प्रशिक्षण में भी महज खानापूर्ति हुई है। जब तक डीएम या सीडीओ मौजूद रहे तब तक ही प्रशिक्षक कक्षों में रहे। इसके बाद कोई कहीं नजर नहीं आया। हर चुनाव में बैग कमरों में बंटते हैं। परंतु बैग वितरण के लिए स्टाल पहली पारी का प्रशिक्षण समाप्त होने के थोड़ा पहले लगने शुरू हुए थे। वहीं, बैग वितरण व्यवस्था प्रभारी व जिला कृषि अधिकारी अवधेश कुमार मिश्र का कहना है कि पहले बैग वितरण स्टाल लगाकर होना था, इसलिए ब्लॉक वार 11 स्टाल लगाए गए। इसके बाद कमरों में बैग वितरण के निर्देश मिले। कमरे अधिक होने से पर्याप्त संख्या में कर्मचारी तत्काल नहीं मिले।