वन अपराध रोकने के लिए किया मार्च पास्ट
कालागढ़/रेहड़। अमानगढ़ व सीमावर्ती रेंज कर्मियों की बैठक में वन संबंधी अपराधों को रोकने के लिए विचार विमर्श किया गया। बैठक के बाद कार्बेट टाइगर रिजर्व व अमानगढ़ टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीमों ने राज्य की सीमा पर मार्च पास्ट किया। वन कर्मियों ने वन क्षेत्र से लगे गांवों में मार्च निकाल कर ग्रामीणों से सहयोग का आह्वान किया।
शुक्रवार दोपहर बाद कालागढ़ के रेंज कार्यालय में आपरेशन मानसून के अंतर्गत अमानगढ़, कार्बेट टाइगर रिजर्व कालागढ़, रामनगर के झिरना रेंज व ढेला रेंज के अधिकारियों एवं वन कर्मियों एक बैठक हुई। इसमें बरसात में वनों के रास्ते क्षतिग्रस्त हो जाने पर वन क्षेत्र में पेट्रोलिंग की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया। कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी कुंदन सिंह खाती ने बताया कि बारिश का फायदा लेकर अपराधी सक्रिय हो जाते है। क्षतिग्रस्त रास्तों का लाभ उठाकर लकड़ी तस्कर व शिकारी वनों में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते हैं। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक है कि प्रतिबंधित वन क्षेत्र में किसी तरह की आवाजाही ना हो।
बैठक के बाद सभी रेंज कर्मियों ने संयुक्त रूप से हाथीशाला कालागढ़ से मालौनी, लालबाग, धारा, रानीनांगल होते हुए अमानगढ़ के झूलोखत्ता ढेला व झिरना रेंज आदि स्थानों पर मार्च पास्ट किया साथ ही ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई देता है तो तत्काल इसकी सूचना वन कर्मियों को दें। इस मार्च पास्ट में हाथी, डाग स्क्वायड, मोटरसाइकिल, जिप्सी आदि को शामिल किया गया। ऑपरेशन मानसून में अमानगढ़ राकेश शर्मा, कार्बेट टाइगर रिजर्व कालागढ़ राकेश भट्ट, रेंजर झिरना प्रशांत हिंदवान, रेंजर ढेला संजीव गिरी के अलावा अमानगढ़ के विजय कश्यप, मजरूल हसन, भोपाल सिंह, अकबर अली, एसओजी टीम के प्रभारी संजय पांडे आदि शामिल रहे।