बिजनौर। किसानों का गन्ना मूल्य घोषित करने समेत अन्य छह मांगों को लेकर कलक्ट्रेट में धरना तीसरे दिन जारी रहा। देश में किसानों के लिए दो कानून लागू होने को आरोप लगाया। भारतीय पंचायत ग्राम प्रधान संगठन तथा भारतीय किसान संघ ने किसानों के आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया ।
किसानों अपनी मांगों को लेकर नौ जनवरी से कलक्ट्रेट में बेमियादी धरने पर बैठे हैं। तीसरे दिन किसानों का धरना जारी रहा किसान नेताओं ने कहा कि गन्ना मूल्य घोषित होने तक धरना जारी रहेगा। भाकियू के जिला अध्यक्ष रामअवतार सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार पिछले साल से गन्ने का मूल्य 310 रुपये प्रति क्विंटल दे रही है। वहां 24 घंटे में गन्ना मूल्य का पेमेंट किया गया। किसानों को बिजली पानी सस्ते मूल्य पर मिल रहा है।
उन्होंने सवाल दागते हुए कहा कि क्या हरियाणा हिंदुस्तान से बाहर है? देश में किसानों के लिए दो कानून क्यो हैं? वन विभाग के नियमानुसार सड़क किनारे लगे पेड़ों की आखिरी लाइन पर किसान का अधिकार होता है। धरने पर प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष मुकेश दाहिया ने अपने साथियों के साथ पहुंचकर अपना समर्थन दिया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामकुमार धनकड़, जिला महासचिव महावीर सिंह, चेतन सिंह, धर्मेंद्र राणा, धीर सिंह बालियान, ओमपाल सिंह आदि रहे।
धरने पर बैठे किसान की बिगड़ी तबियत
कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे 75 वर्षीय किसान रघुबीर निवासी शेखपुरा की सोमवार की शाम अचानक तबियत बिगड़ गई। किसान को सरकारी एंबुलेंस से भेजकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जिला अध्यक्ष रामअवतार सिंह के मुताबिक शाम को करीब चार बजे रघुवीर ने पेट में दर्द एवं तेज ठंड लगने की शिकायत की। इसके कुछ समय बाद उसकी हालत बिगड़ गई। किसान कड़कड़ाती ठंड में जमीन पर पड़े हैं तथा शासन व प्रशासन कानों में तेल डाले हैं।