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कई विभागों पर गरजे डीएम

Tue, 12 Jan 2016 12:43 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर
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बिजनौर में डीएम विजय किरन आनंद ने जननी सुरक्षा योजना में गलत आंकड़े प्रस्तुत करने व आशाओं के भुगतान में अनावश्यक देरी करने पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा.पीआर नायर का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने डूडा द्वारा बनाए जा रहे शेल्टर होम का मानक के अनुसार लक्ष्य निर्धारित न करने, सत्यापन उच्च अधिकारियों से न कराने पर कड़ी आपत्ति जताई। गांव बिसाठ में पांच साल से बाद भी शिक्षण संस्था तामीर न कराने पर डीआईओएस को परियोजना शुरू कराने के निर्देश दिए। उप निदेशक कृषि, परियोजना अधिकारी नेडा और मुख्य पशु अधिकारी द्वारा विभागीय कार्यों में शानदार प्रगति की सराहना की।
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विकास भवन में आयोजित बैठक में डीएम ने कहा कि अधिकारी उनके सामने प्रगति की वास्तविक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। फर्जी आंकड़ों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा अधिकारी अपने विभाग के लक्ष्यों को पूर्ण गुणवत्ता और मानक के अनुरूप निर्धारित समय अवधि में पूरा कर लें।
 

 उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकतर कार्यक्रमों में बहुत कम प्रगति होने अौर कौशल विकास कार्यक्रम में अपेक्षित प्रगति न पाने पर नाराजगी जताई। अफसरों को सुधार करने के निर्देश दिए। पेंशन कार्य की समीक्षा के दौरान संज्ञान में आया कि अभी तक मानक से कम प्रगति हुई है।
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उन्होंने  कहा बीडीअो तीन में पेंशन लाभार्थियों से वांछित सूचना जमा कर जिला समाज कल्याण अधिकारी को दें।

बिजनौर (ब्यूरो)। डीएम वीके आनंद ने कहा कि प्रशासन और बार के आपसी तालमेल और सहयोग से ही पीड़ित और शोषित व्यक्ति को त्वरित न्याय प्राप्त हो सकता है, जिसका सीधा प्रभाव जिले की शांति और कानून व्यवस्था पर भी पड़ेगा और अपराध में निश्चित रूप से कमी आएगी।

 उन्होंने अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया कि उनके सम्मान में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और न ही उनके कार्य में अनावश्यक हस्तक्षेप को बर्दाश्त किया जाएगा।
 डीएम ने कहा कि वकालत ऐसा पेशा है, जिसके माध्यम से पीड़ित और शोषित लोगों को न्याय मिलता है। उन्होंने सभी अधिवक्ताओं का आह्वान किया कि इस पवित्र पेशे की गरिमा को और अधिक प्रभावीशाली बनाएं।
 उन्होंने कहा कि जिले में अधिवक्तओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना और निस्तारित किया जाएगा, उनकी जो भी समस्या हो किसी भी समय उनसे संपर्क किया जा सकता है।

उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से वकीलों को हर वैधानिक सहयोग प्रदान करने का विश्वास दिलाते हुए अपेक्षा की कि उनकी ओर से भी वादों के निस्तारण में गंभीरता प्रदर्शित की जाएगी। इस दौरान जिला बार अध्यक्ष एसके बबली, महामंत्री वरुण राजपूत, रेवेन्यू बार अध्यक्ष रामेंद्र सिंह, महामंत्री ज्ञानेन्द्र सिंह के अलावा कई अधिवक्ता व अधिकारी मौजूद थे।
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