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निजी स्कूल कालेजों में स्टाफ को बुला रहा प्रबंधन

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निजी स्कूल कालेजों में स्टाफ को बुला रहा प्रबंधन
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धामपुर। कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने दो अप्रैल तक के लिए सभी स्कूल कालेजों को बंद कर दिया गया है। बावजूद इसके निजी विद्यालयों के प्रबंधन सरकार के आदेशों का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
शुक्रवार को कई विद्यालयों के प्रबंधन ने स्कूलों में तो अवकाश कर दिया। लेकिन स्टाफ को विद्यालयों में रोज की तरह से स्कूली बसों में भरकर ले जाया गया। स्टाफ को निर्देशित किया गया कि जब तक स्कूल कालेज बंद हैं, तब तक गांवों में जाकर बच्चों के माता पिता और परिजनों से संपर्क करें। संपर्क क्रम टूटना नहीं चाहिए। नाम न छापने की शर्त पर स्टाफ ने बताया कि प्रबंधन ने चेताया है कि जो स्कूल नहीं आएगा। उसका वेतन काटा जाएगा। भले ही सरकार ने अवकाश कर दिया है। पर स्टाफ को प्रतिदिन आकर बच्चों से संपर्क बनाना है।
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जिससे बच्चों और उनके अभिभावकों को ऐसा महसूस न हो कि शिक्षक उनसे संपर्क नहीं कर रहे है। हालांकि इस मामले को लेकर अभिभावकों में असंतोष है। अभिभावक घनश्याम सिंह, दलपत सिंह, गणेशी सिंह ,अशोक कुमार, विमल सिसोदिया का कहना है कि जब स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है तो शिक्षकों को स्कूल कालेजों में बुलाना प्रबंधन की हठधर्मिता है। उन्होंने डीएम से ऐसे स्कूल कालेजों का पता कर प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि कई स्कूलों के प्रबंधकों ने इस प्रकार के लगे आरोपों को गलत बताया है। सभी प्रकार की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। जो आदेश जो सरकार का आदेश होगा उस पर अमल होगा।
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