फसल बीमा योजना के बारे में किसानों को करें जागरूक
बिजनौर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा बैठक में डीएम रमाकांत पांडेय ने कहा कि टिड्डी दल के संभावित हमले को देखते हुए फसल बीमा योजना का महत्व बढ़ गया है। फसल बीमा कराने के लिए किसानों से लिखित में समझौता कर लिया जाए। योजना की फ्लैक्सी बनाकर हर बैंक में लगाई जाए।
डीएम ने कहा कि बीमा आग्रह की वस्तु है, इसलिए सभी बैंकर्स, बीमा कंपनी व संबंधित विभागों का दायित्व है कि किसानों को योजना के बारे में बताकर योजना से आच्छादित करें। जिला कृषि अधिकारी डा.अवधेश मिश्र ने बताया कि योजना में अधिसूचित फसलों को प्राकृतिक आपदाओं व रोके न जाने वाली अन्य जोखिमों से फल को नुकसान होने पर किसानों को नुकसान की भरपाई कराना है। योजना में मौसमी परिस्थिति के कारण दोबारा फसल की बुआई न कर पाने, फसल कटाई से 15 दिन पहले प्रतिकूल मौसमी परिस्थिति में संभावित उपज के 50 प्रतिशत से अधिक क्षति की स्थिति, खड़ी फसल को ओलावृष्टि, बेमौसम बारिश से क्षति होने पर भी क्षतिपूर्ति का प्रावधान है। योजना में शामिल न होने के लिए किसानों को अपने बैंकों में लिखित में देना होगा। योजना में अधिसूचित फसलों हेतु खरीफ के मौसम में एक अप्रैल से 31 जुलाई तक तथा एक अक्तूबर से 31 दिसंबर तक बीमा कराया जा सकेगा। उप कृषि निदेशक जेेपी चौधरी ने कहा कि बैंक द्वारा निर्गत किसान क्रेडिट कार्ड की सूची तैयार की जाए। बैठक में सीडीओ केपी सिंह, जिला अग्रणी प्रबंधक जोगेंद्र ग्रोवर व बीमा कंपनी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।