बिजनौर में मंडावर के किसान धर्मवीर की मौत के एक हफ्ते बाद चकबंदी बंदोबस्त विभाग की कुंभकर्णी नींद आखिर खुल गई है। बंदोबस्त विभाग के कर्मचारियों ने गंगा पार जाकर जमीन को नापने का काम शुरू कर दिया है।
जिस किसान के नाम जितनी जमीन होगी, उसको मौके पर भी उतनी जमीन पर कब्जा दिलाया जाएगा। भूमाफिया का कब्जा हटवाया जाएगा।
गांव राजारामपुर निवासी किसान धर्मवीर सिंह की गंगा पार स्थित 15 बीघा जमीन पर गांव के ही कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया था। भूमाफिया ने उसके खेत से नौ बीघा गन्ना भी काट लिया था।
जमीन कब्जामुक्त कराने के लिए धर्मवीर सिंह अधिकारियों के चक्कर काटता रहा, लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी। धर्मवीर सिंह ने 15 अप्रैल को मंडावर थाने में समाधान दिवस पर खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली थी।
गंभीर रूप से झुलसे धर्मवीर की दिल्ली में उपचार के दौरान 20 अप्रैल को मौत हो गई थी। धर्मवीर की मौत पर किसानों में गुस्सा था। गंगा खादर में जमीन पर मालिकाना हक को लेकर आए दिन किसानों में टकराव होता रहता है। किसान भूमाफिया पर उनकी जमीन कब्जाने का आरोप लगाते रहते हैं। धर्मवीर की मौत के बाद अब बंदोबस्त विभाग की भी आंख खुल गई है।
बुधवार को कानूनगो हरीशचंद्र द्विवेदी, प्यारेलाल, प्रेमचंद, लेखपाल अनिल कुमार, मोहम्मद अहसन आदि ने टीम के साथ गंगा पार जाकर जमीन की पैमाइश करनी शुरू कर दी है। विभाग के नक्शों में जिस किसान के नाम जितनी जमीन होगी, उसे कब्जा दिया जाएगा।
अगर किसान के पास नक्शे से ज्यादा जमीन है तो उसे दूसरे किसानों को देकर उनकी जमीन पूरी कराई जाएगी। कानूनगो हरिशचंद्र द्विवेदी के अनुसार, मौजा खैरपुर की सीमा से अजमेलीपुर तक जमीन की पैमाइश की जाएगी।