बिजनौर में बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन में कापियों के अंकेक्षण पर खास निगाह रहेगी। 90 प्रतिशत से अधिक और शून्य अंक प्राप्त करने वाले परीक्षार्थी की कॉपी की रिचेकिंग होगी। जिले के करीब ढाई हजार परीक्षक दसवीं और बारहवीं की कांपियों को जांचेंगे। इनमें 228 डिप्टी हैड हैं।
मूल्यांकन मीटिंग में शामिल होकर इलाहाबाद से लौटे जीआईसी के प्रधानाचार्य सुरेश चंद शर्मा ने बताया कि शासन की मंशा है कि मूल्यांकन में निष्पक्षता रहे। इसलिए जिस परीक्षार्थी के 90 प्रतिशत से अधिक नंबर आ रहे हैं उसकी कापी को डिप्टी हैड दोबारा जांचेंगे।
रीक्षार्थी का शून्य अंक आ रहा है तो उसकी कापी भी दोबारा जांची जाए। यदि कोई गड़बड़ी मिलती है तो परीक्षक और डिप्टी हेड दोनों जिम्मेदार होंगे।
माध्यमिक शिक्षा परिषद क्षेत्रीय कार्यालय बरेली के प्रशासनिक अधिकारी मूलचंद शर्मा के अनुसार बोड़ॱर ने दसवीं व बारहवीं की कापियों के मूल्यांकन पर लगाम कस दी है। एक परीक्षक प्रतिदिन अधिकतम दोनों पालियों में अधिकतम 50 कापियां जाचेंगा।
यदि कोई परीक्षक निर्धारित समय से पहले केंद्र छोड़ेगा तो उपनियंत्रक और परीक्षक के खिलाफ कार्रवाई होगी। परीक्षक को आई कार्ड के बिना केंद्र पर एंट्री नहीं दी जाएगी। परीक्षकों को परीक्षक लैटर भेज दिए गए हैं।
बोर्ड कार्यालय बरेली के प्रशासनिक अधिकारी मूलचंद शर्मा के अनुसार परीक्षक की ओर से जांची गई कापियों को दोबारा विषय शिक्षकों से जंचवाया जाता है। इसको अंकेक्षण कहते हैं। इसमें यह देखा जाता है कि परीक्षार्थी का कोई सवाल बिना जांच के तो नहीं रह गया है।
परीक्षक ने बोर्ड के नियमों के अनुसार कापी जांची है या नहीं। अंकेक्षण में परीक्षक की एक से तीन गलती मिलने पर उसका पारिश्रमिक काटे जाने के साथ परिषद कार्य से डिबार भी किया जा सकता है।