किसानों की ओर सोचे सरकार
युवा मतदाता रिहान ने कहा कि किसानों की तरफ भी सरकार को सोचना चाहिए। ऐसा पहली बार हो रहा है कि किसान को गन्ना भुगतान के लिए धरना देना पड़ रहा है। अपने ही भुगतान के लिए किसानों को मिलों के बाहर प्रदर्शन करने पड़ रहे हैं। समय पर भुगतान होना चाहिए।
महिलाएं सुरक्षित, विकास भी हुआ
अन्य युवा मतदाता ने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर बेहतर हुआ है। महिलाएं सुरक्षित हैं। आज किसानों के मोटर चोरी नहीं होते हैं। काफी सुधार हुआ है।
महंगाई कम हो, रोजगार के अवसर बढ़ें
सरकार कोई भी आए लेकिन युवाओं को कारोबार मिले। कितने पढ़े-लिखे लड़के बेरोजगार घूम रहे हैं। महंगाई इतनी ज्यादा बढ़ रही है। साधारण आदमी के लिए घर चलाना मुश्किल हो रहा है। यदि बेरोजगारी बढ़ेगी तो यह और भी मुश्किल होता जाएगा। इसलिए सरकार को रोजगार के संसाधन बढ़ाने चाहिए।
मतदान के लिए लोगों को करेंगे जागरुक
अन्य युवा मतदाता ने कहा कि वह रोजगार, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था, वन नेशन वन एजुकेशन, सस्ती शिक्षा के मुद्दे को लेकर मतदान करेंगे। क्योंकि अगर देश का युवा शिक्षित होगा तो देश तरक्की करेगा। वह मतदान करने के लिए लोगों को भी जागरुक करेंगे।
अमर उजाला की टीम से बात करते हुए मोहम्मद अब्दुल्ला ने बताया कि विकास बड़ा मुद्दा है। जो विकास की बात करेगा वोट उसे ही जाएंगे। वही मोहम्मद परवेज ने कहा के विकास होना चाहिए। उन्हें ठीक करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनाव के समय तो सब आते हैं लेकिन उसके बाद कोई नेता मिलने तक नहीं आता। युवाओं को रोजगार की जरूरत है। ओमवीर राणा ने कहा कि यह देश का चुनाव है। इसमें लोकल मुद्दे मायने नहीं रखते। राष्ट्र के नाम वोट देंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया राष्ट्रीय मुद्दों के अलावा के जाति-बिरादरी चुनाव में हावी रहती है।
दुष्यंत कुमार ने अमर उजाला की टीम से बात करते हुए कहा पहले मुद्दे स्थानीय भी होते थे लेकिन अब देश के मुद्दे महत्वपूर्ण है। जो पार्टी राष्ट्र का गौरव बढ़ाएगी, वोट उसी को जाएगा। इस दौरान कृष गर्ग ने कहा हमारे देश में खिलाड़ियों को बढ़ावा देने की बहुत जरूरत है। खिलाड़ी उपेक्षित रहे थे। हालांकि अब खिलाड़ियों का मन बड़ा है और खिलाड़ी भी देश का मान मेडल लाकर बढ़ा रहे हैं। यह भी चुनाव में मुद्दा रहेगा।
मोहम्मद इमरान ने कहा बिजनौर में किसान सबसे ज्यादा है। उन की भी बात करनी चाहिए। बिजनौर में गन्ना भाव, बकाया भुगतान भी मुद्दा रहेगा। किसानों को अपना गन्ना भुगतान लेने के लिए धरना देना पड़ा। इस बार ऐसे नेता को चुनेंगे जो किसानों की सुनेगा।