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गन्ना समिति कार्यालय पर तालाबंदी

Fri, 10 Mar 2017 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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बिजनौर में अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने जाते भाकियू कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला
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नजीबाबाद/बिजनौर में किसान पर थोपे गए मनमाने कर्ज की वसूली उसके गन्ना भुगतान से किए जाने से गुस्साए किसानों ने गन्ना समिति कार्यालय पर तालाबंदी की। कार्यालय से नदारद समिति सचिव के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भाकियू कार्यकर्ताओं ने ऐलान किया कि जब तक पीड़ित किसान को न्याय नहीं मिलेगा, किसान समिति कार्यालय नहीं छोड़ेंगे।
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लोनिवि निरीक्षण भवन पर मासिक बैठक आयोजित करने के बाद भाकियू कार्यकर्ता गन्ना समिति कार्यालय पहुंचे। समिति सचिव नितेंद्र यादव के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसानों ने सचिव कार्यालय में तालाबंदी कर दी। भाकियू के प्रांतीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह एवं जिला महासचिव दिगंबर सिंह ने गन्ना समिति द्वारा ऐसे किसान को कर्जदार बनाने का आरोप लगाया, जो समिति का सदस्य भी नहीं था। पीड़ित किसान निशांत राठी ने बताया कि उसका जन्म 1991 में हुआ था, लेकिन गन्ना समिति ने उसे व दो भाइयों गौरव राठी, कपिल राठी को अपने रिकॉर्ड में वर्ष 1992 से 6-6 हजार रुपये का कर्जदार दिखा रखा है। आरोप है कि जारी पेराई सत्र में गन्ना समिति द्वारा गन्ना भुगतान की धनराशि से एक लाख रुपये कर्ज अदायगी के रूप में काट लिए गए। इस संबंध में समिति सचिव एवं डीसीओ से संपर्क करने के बावजूद न्याय नहीं मिला। भाकियू नेताओं ने कहा कि जब तक पीड़ित किसान को न्याय नहीं मिलेगा, वे गन्ना समिति कार्यालय नहीं छोड़ेंगे। प्रदर्शनकारियों में इकबाल सिंह, रणधावा सिंह, महेंद्र सिंह, विनोद परमार, गजेंद्र सिंह, शेर सिंह चौहान, होशियार सिंह, भगीरथ सिंह भोपाल राठी, आफाक, फुरकान, हुकम सिंह, शैलेंद्र सिंह, नरदेव सिंह, सिंधुराज, सत्यपाल सहित कई किसान शामिल  रहे। इससे पहले मदन चौहान की अध्यक्षता व अवनीश कुमार के संचालन में हुई मासिक बैठक में किसानों ने चीनी मिलों द्वारा गन्ना भुगतान 14 दिन के भीतर कराने, नहरों में शीघ्र पानी छोड़ने, विद्युत व्यवस्था में सुधार कराने, मंडावली-चंदक एवं बिजौरी मार्ग जल्द बनवाने की मांग की गई।
वहीं बिजनौर में भाकियू ने एसडीएम सदर को सौंपे ज्ञापन में विद्युत विजिलेंस टीम की ओर से गोवर्धनपुर नंगली वासियों के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमों को फर्जी बताया है। यूनियन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। 
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संगठन के जिलाध्यक्ष रामऔतार सिंह के मुताबिक हल्दौर थाने के गांव गोवर्धनपुर नंगली में बिजली नहीं है। राजीव  गांधी अक्षय ऊर्जा  के तहत दो साल पहले गांव में खंभे लगाए गए थे। हालांकि खंभों पर तार नहीं खींचे गए। गांव के बाहर 25-25 केवीए क्षमता के दो नलकूप के ट्रांसफार्मर हैं। इनमें से एक फुंका पड़ा है। दूसरा ओवर लोड है। गांव में बिजली आने से इनका कोई मतलब नहीं है। विजिलेंस टीम के जेई गांव में पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से पूछा कि कौन व्यक्ति बिजली कनेक्शन  लेने चाहते हैं, वे इस कागज पर हस्ताक्षर कर दें। इस पर ग्रामीणों ने   हस्ताक्षर कर दिए। आरोप है कि इसके बाद 30 ग्रामीणों के खिलाफ पुलिस में मुकदमे दर्ज करा दिए गए हैं। भाकियू ने एसडीएम सदर अनुज सिंह को ज्ञापन देकर  मामले की जांच कराने की मांग की है। केस वापस नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। इस मौके पर संगठन के महासचिव दिगंबर सिंह, विजयपाल सिंह, राजेंद्र  सिंह, जयसिंह, योगेंद्र शर्मा, लाखन सिंह आदि मौजूद रहे।  उधर, विद्युत विजिलेंस निरीक्षक वीएस शर्मा ने कहा कि ग्रामीणों ने गांव के पास बने नलकूपों से लाइन जोड़कर अवैध रूप से बिजली चला रहे थे। इसके चलते उनके खिलाफ बिजली चोरी के मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।   
वहीं कोतवाली देहात में भाकियू की मासिक पंचायत में ब्लॉक अध्यक्ष कोतवाली वीर सिहं डवास ने खेतों की सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़ने,  नगीना देहात क्षेत्र के गांव अजुपुरा रानी में बिजली विभाग की लापरवाही के कारण किसान पर दर्ज झूठा मुकदमा लेने और किसान व मजदूरों के हानि का बिजली विभाग से उचित मुआवजा दिलाने आदि समस्याओं का उठाया गया। बैठक में चौधरी सुरपाल सिंह , नितिन सिरोही, ध्यान सिंह, समरपाल सिंह, ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे।
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