नौ दिन बाद ही फ्री कोचिंग सेंटर पर लटका ताला
बिजनौर। युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए खुला फ्री कोचिंग सेंटर कोरोना के कारण बंद हो गया है। अब युवा कोचिंग सेंटर से आनलाइन पढ़ाई कराने की मांग कर रहे हैं। उधर, प्रशासन सेंटर को गैर जिलों के कोचिंग सेंटर से जोड़ने के लिए योजना बना रहा है।
शासन ने युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए फ्री कोचिंग सेंटर योजना शुरू की है। योजना के अंतर्गत जिले में वर्धमान कॉलेज बिजनौर में 31 दिसंबर 2021 को फ्री कोचिंग सेंटर का डीएम उमेश मिश्रा ने शुभारंभ किया था। कोरोना के मामले सामने आने पर सेंटर नौ जनवरी को बंद कर दिया गया है।
युवा रजनीश कुमार, गजेंद्र, उपेंद्र कुमार आदि का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था की जाए। युवाओं की दलील है कि प्रतियोगी परीक्षा तो समय पर होनी ही है, साथ ही परीक्षा की तैयारी भी जरूरी है। कहा कि युवाओं को भविष्य संवारने के लिए फ्री कोचिंग सेंटर से बड़ी आस है। सेंटर बंद होने से उन्हें झटका लगा है। युवाओं का कहना है कि डिग्री कॉलेजों में ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है। इसलिए कोचिंग सेंटर पर ऑनलाइन पढ़ाई जल्द शुरू कराई जाए। जानकारी के अनुसार कोचिंग सेंटर पर 60-70 युवाओं की नियमित उपस्थिति चल रही थी।
नहीं है जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर
फ्री कोचिंग सेंटर पर विभिन्न परीक्षा की तैयारी के लिए तीन चार क्लास रोजाना पढ़ाई हो रही थी। युवाओं की संख्या भी बढ़ रही थी। 60-70 युवाओं की उपस्थिति चल रही थी। वर्धमान कॉलेज बिजनौर के विभिन्न विषय के प्रोफेसर पढ़ा रहे हैं। इसके बाद भी सेंटर पर जरुरी इंफ्रास्ट्रक्चर भी उपलब्ध नहीं हुआ है। जबकि शासन ने सेंटर संचालन के लिए दस लाख का प्रावधान किया है। विशेषज्ञों को 1000 रुपये प्रति क्लास मिलता है।
गैर जिलों के सेंटर से जोड़ा जाएगा
कोचिंग सेंटर की जिम्मेदारी संभाल रहे जिला समाज कल्याण अधिकारी आनन्द कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासन व्यवस्था बनाने के लिए प्रयासरत हैं। युवाओं के ग्रुप बनाकर लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद आदि शहरों में चल रहे कोचिंग सेंटर से जोड़ा जाएगा।