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शहरों में जीवन पस्त, वनों में वन्यजीव मस्त

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बिजनौर: अमानगढ़ में घूमता हाथियों का झुंड। - फोटो : BIJNOR
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शहरों में जीवन पस्त, वनों में वन्यजीव मस्त
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बिजनौर। कोरोना की वजह से भले ही शहरों में जनजीवन लॉकडाउन के पहरे में हो लेकिन वनों में इसका कोई असर नहीं है। वनों में जिंदगी पूरी तरह से गुलजार हो रही है। अमानगढ़ वन रेंज में हाथियों के बड़े बड़े झुंड अठखेलियां करते हुए नजर आ रहे हैं।
कोरोना की वजह से 28 दिन से देश में लॉकडाउन है। लेकिन वन्य जीवन पर लॉकडाउन का कोई बंधन नहीं है। मौसम बदलने के साथ ही वनों में वन्य जीवों की मूवमेंट बढ़ रही है। हर ओर वन्य जीव विचरण करते नजर आ रहे हैं। हाथियों के बड़े बड़े झुंड चिंघाड़ मारते हुए अमानगढ़ वन रेंज में घूम रहे हैं। अमानगढ़ वन रेंज और जिम कार्बेट का जंगल एक ही है। दोनों जंगलों के बीच में वन्य जीवों के लिए कोई दीवार नहीं है। अमानगढ़ वन रेंज में 65 हाथी हैं। जिम कार्बेट में रहने वाले हाथी भी अमानगढ़ वन रेंज में आते रहते हैं। अमानगढ़ वन रेंज में बनाए गए वाटर होल में हाथियों के झुंड अठखेलियां कर रहे हैं। झुंड में कई शावक भी दिखाई दे रहे हैं।
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सामाजिक प्राणी है हाथी
हाथियों की औसत आयु 45 साल तक रहती है। हाथी सामाजिक प्राणी होता है और ये अधिकतर झुंड में ही रहते हैं। ये जहां से एक बार गुजरते हैं वो रास्ता उन्हें सालों तक याद रहता है।
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वाटर होल के पास दिख रहे झुंड
डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन के मुताबिक अमानगढ़ वन रेंज में हाथियों की मूवमेंट बढ़ी है। वाटर होल के पास हाथियों के काफी झुंड आ रहे हैं। इनकी सुरक्षा के लिए स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं।
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