संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। यूं तो तालिब बंधु जेल में बंद हैं मगर इनकी मुश्किलों का बढ़ना तय माना जा रहा है। दरअसल प्रशासन की प्राथमिक जांच में ही 113 बैनामे सामने आ चुके हैं। इन बैनामों की सूची को आयकर विभाग के हवाले कर दिया गया है। ताकि आय से अधिक संपत्ति और आयकर चोरी के पहलू पर जांच हो सके।
साल 2025 के जुलाई माह में भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष रोबिन चौधरी पर हमले के बाद से तालिब बंधुओं पर शिकंजा कसा जा रहा है। रोबिन चौधरी के पक्ष में पैरवी कर रहे पूर्व सांसद पर हमले के बाद से तालिब बंधुओं पर शिकंजा और अधिक कस दिया गया है। फिलहाल तीनों भाई जेल में बंद हैं। इनके स्टोन क्रशर और आरा मशीन पर ताला लटका है। इनकी अवैध कॉलोनियों और निर्माण पर बुलडोजर भी चल चुका है।
इसके साथ ही प्रशासन ने इनकी जमीनों की जांच कराई तो 113 बैनामे सामने आए। बिजनौर सदर तहसील में ही 100 बैनामे मिले हैं। इससे साफ होता है कि तालिब बंधुओं ने बड़े स्तर पर जमीनों की खरीद फरोख्त की थी। अब इन बैनामों को आयकर विभाग के हवाले कर दिया गया है। जिससे इनकी आमदनी का आकलन किया जा सके। बैनामों के साथ साथ ही इनके परिवार पर 34 वाहनों के पंजीकरण भी सामने आए हैं।
इन पर हो रही कार्रवाई को लेकर इनके साझीदारों में भी हड़कंप मचा हुआ है। क्योंकि जिले के कई रसूखदारों ने इनके साथ व्यापार में साझा कर रखा था, या फिर प्रॉपर्टी में हिस्सेदारी है। एक उद्योगपति और एक बैंक का सचिव भी इनके साथ व्यापार और प्रॉपर्टी में साझेदारी रखता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इनके साझीदारों को भी नुकसान हो सकता है।