लंबे सफर की थकान की झपकी से निकल रही जान
बिजनौर। सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है, जिसका मकसद सुरक्षित सफर के लिए जागरूक करना है। तमाम जागरूकता अभियान के बाद भी हादसे थम नहीं रहे हैं। इसकी एक वजह लंबा सफर, थकान और नींद की झपकी भी है। जिले में लंबे सफर तय करने वाले लोग हादसे का शिकार हुए हैं, जिन्हें अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
चार अप्रैल की तड़के सुबह छह बजे नजीबाबाद के पास एक स्कॉर्पियो ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से टकरा गया। सीधी सपाट और खाली सड़क पर हुए इस हादसे ने सोचने को मजबूर कर दिया। मालूम हुआ कि कार में सवार लोग लंबा सफर रात में तय करते हुए आ रहे थे। इस हादसे में बलरामपुर के देवी पाटन तुलसी निवासी राहुल पाल, उनके भाई सुभांकर और ड्राइवर की मौत हो गई थी, जबकि दो भाइयों की मां कुसुम पाल गंभीर रूप से घायल हुई। कार के चालक को सवेरे झपकी लग जाने की वजह से यह हादसा हुआ।
नहर में गिरी थी तहसीलदार की गाड़ी
11 अक्तूबर 2020 को रुड़की की तहसीलदार सुनैना राणा नैनीताल से लौट रही थी। रात के समय तहसीलदार की गाड़ी नजीबाबाद के पास सरवनपुर नहर में जा गिरी। सुबह होने पर गाड़ी नहर में गिरने का पता चला था, जिसमें तहसीलदार सुनैना राणा, अर्दली ओमपाल और ड्राइवर सुंदर सिंह की मौत हो गई थी। लंबे सफर की वजह से ड्राइवर का गाड़ी से नियंत्रण खो देना हादसे का कारण माना गया था।
इस साल अब तक हुई हादसों में मौत
माह सड़क हादसे मौत घायल
जनवरी 34 27 21
फरवरी 43 33 29
मार्च 44 28 31
अप्रैल 21 15 18
पिछले साल हुए थे 492 हादसे
साल 2021 में जिलेभर में 492 सड़क हादसे हुए थे, जिनमें 313 लोगों की जान चली गई, जबकि इन हादसों में 382 लोग घायल हुए। पिछले साल नवंबर का महीना सबसे खराब रहा। नवंबर में 41 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 51 लोग घायल हुए थे। सबसे कम सितम्बर के महीने में केवल 17 लोगों की जान सड़क हादसों में गई।
सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत वाहन चालकों को जागरूक किया जा रहा है कि लंबे सफर में एहतियात बरतें। सुबह के समय गाड़ी रोककर कुछ देर के लिए आराम जरुर कर लें। सुबह दो बजे के बाद हादसा होने का अंदेशा ज्यादा रहता है।
-डॉ. प्रवीन रंजन सिंह, एएसपी सिटी