प्रेस वार्ता में धारा सिंह का बैग दिखातीं पूर्व विधायक रूचिवीरा।
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बिजनौर में पूर्व विधायक रुचि वीरा का कहना है कि उनके पति उदयनवीरा और नामजद किसी व्यक्ति ने जिला पंचायत के सदस्य धारा सिंह का अपहरण नहीं किया था। वह खुद उनके घर आया था। सभी नामजद लोगों की लोकेशन निकलवा ली जाए तो वह मौके की नहीं निकलेगी। उन्होंने कहा कि उदयन वीरा पिछले डेढ़ माह से बेड रेस्ट पर हैं। उन्होंने अपहरण के मुकदमे को खत्म कराने की मांग करते हुए कहा कि धारा सिंह की पीठ पर केले के पत्ते से चोट के निशान बनाए गए हैं।
अपने कैंप कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता में रुचि वीरा ने कहा कि उनके पति से मिलने जिला पंचायत के सदस्य आते रहते हैं। धारा सिंह उनके घर खुद एक-दो दिन रहने के हिसाब से आया था। उसका बैग उनके घर पर है। इसमें कपड़ों के अलाला, टूथ पेस्ट, ब्रश व कंघा तक हैं। मोबाइल भी बैग में है। अपहरण किया होता तो यह सामान वह अपने साथ लाते। उन्होंने कहा कि विरोधियों ने धारा सिंह को साजिश के तहत उन्हें फंसाने के लिए उनके घर भेजा था। पुलिस घर पर गई तो उन्होंने साफ बता दिया कि धारा कमरे में सो रहा है।
उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच करा ली जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी। जो मुकदमा दर्ज कराया गया है, वह राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने अपने पति की मेडिकल रिपोर्ट दिखाते हुए कहा कि जिस चमन त्यागी को नामजद किया गया है, वह घटना के पूरे दिन अपनी दुकान पर था। सीसीटीवी फुटेज में उसे देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सोमवार को उदयनवीरा बडी मजबूरी में बैल्ट बांधकर जिला पंचायत की बैठक में गए। एक-दो दिन से वह थोड़ी देर के लिए उठने लगे हैं।
क्या इस हालत में कोई किसी का अपहरण कर सकता हेै।
जिला पंचायत अध्यक्ष उदयनवीरा ने कहा कि उन्होंने किसी का अपहरण नहीं किया। वह तो रीढ़ की हड्डी में चोट के कारण खुद कहीं आ-जा नहीं सकते हैं। सदस्य धारा सिंह ने पीठ पर केले के पत्ते से खुद चोट के निशान बनवाए हैं। इस दौरान जिला पंचायत के कई सदस्य भी मौजूद रहे।