बिजनौर में प्रशासन की लापरवाही से मतपेटी में लगी दीमक कहीं किसी प्रत्याशी के भाग्य को चट न कर जाए। दीमक लगे निरस्त किए गए 60 मतपत्र किसी के भाग्य पर भी भारी पड़ सकते हैं। दीमक लगी देख प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान काफी देर तक मतगणना का काम बंद रहा।
हल्दौर ब्लॉक के वार्ड नंबर 26 के बूथ नंबर 213 पर जिला पंचायत सदस्य पद के लिए प्रथम चरण में नौ नवंबर को मतदान हुआ।
जिला पंचायत सदस्य पद के लिए रखी गई मतपेटी में कुल 334 मतदाताओं ने मतदान किया था। रविवार को मतगणना के दौरान जब बूथ नंबर 213 की मतपेटी खोली गई, तो मतगणना कर्मचारी व प्रत्याशियों के एजेंट हतप्रभ रहे गए।
मतपेटी से निकले मतपत्रों पर दीमक लगी थी। काफी संख्या में मतपत्रों को दीमक चट कर गई थी। ये भी मालूम नहीं चल रहा था कि मुहर किस प्रत्याशी के चुनाव चिह्न के आगे लगी है। यह देख प्रत्याशी और समर्थकों ने हंगामा कर दिया। कर्मचारियों को मतगणना से रोक दिया गया। हंगामा बढ़ने पर एआरओ संदीप शर्मा ने आरओ को मामले से अवगत कराया।
आरओ ने सभी प्रत्याशियों के सामने कर्मचारियों से मतपेटी के सभी मतपत्रों की गिनती कराई तथा सही मतपत्रों को अलग कराया। मतपेेटी में कुल 334 मतपत्रों में से 60 मतपत्र ऐसे मिले, जिन्हें दीमक ने पूरी तरह से खत्म कर दिया था तथा उनकी कोई पहचान नहीं हो सकी।
आरओ ने सभी के सामने 60 मतपत्रों को निरस्त कर दिया। इस दौरान काफी देर प्रत्याशियों व समर्थकों के बीच गहमागहमी रही। काफी करीब आधे घंटे के बाद मतदान पुन: शुरू हो सका। एआरओ संदीप शर्मा का कहना है कि मतपेटी में दीमक लगे मतपत्रों को आरओ के द्वारा निरस्त कर दिया। इस पर किसी को आपत्ति नहीं रही। मतगणना शांतिपूर्वक जारी है।