बिजनौर। बीते तीन वर्षों में जिले में गुलदारों की संख्या में इजाफा हुआ है जबकि काला हिरण गायब हो गया। गणना के दौरान वन कर्मियों को यह हिरण नजर नहीं आया। बंदरों और लंगूरों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। इसके इतर लोमड़ियों की संख्या काफी कम हो गई है।
वन विभाग ने जिले में जंगली जानवरों की गणना के आंकड़े जारी किए हैं। इससे पहले मई 2022 में गणना हुई थी। जंगली जानवरों के नए और तीन साल पुराने आंकड़ों पर गौर करें तो 88 गुलदार बढ़ गए हैं। हस्तिनापुर वन्य जीव अभ्यारण्य और समेत जिले के कई वन क्षेत्रों में पाया जाने वाला काला हिरण इस बार नहीं नजर आया। पिछली गणना में 84 काले हिरण दिखे थे। चिंकारा भी इस बार नहीं दिखा जबकि पिछली बार इनकी संख्या चार थी। लोमड़ी और सियारों की संख्या भी क्रमश: 938 और 656 कम हुई है।
2115 बंदर और 36 लंगूर बढ़े हैं। पिछली गणना के मुकाबले तीन लकड़बग्घे भी ज्यादा नजर आए। पांच भालू भी बढ़ गए हैं। गोह की संख्या 486 कम हो गई है। मगरमच्छ और घड़ियालों की संख्या पिछली गणना के अनुसार ही पाई गई है। जिले की अमानगढ़ वन रेंज में बाघ पाए जाते हैं। इनकी गणना अलग होती है। इस वन रेंज में 32 बाघ पाए गए थे।