नजीबाबाद (बिजनौर)। कौड़िया वन रेंज के गांव जग्गनवाला में लगाए गए पिंजरे में बृहस्पतिवार सुबह मादा गुलदार कैद हुई है। इससे पहले तीन नर गुलदार सितंबर माह में ही पकड़े जा चुके हैं। बिजनौर वन विभाग नजीबाबाद द्वारा चलाए जा रहे मिशन गुलदार के अंतर्गत जग्गनवाला में लगाए गए पिंजरे में मादा गुलदार कैद हुई। गुलदार पकड़े जाने की सूचना पर कौड़िया के रेंज सचिन शर्मा जग्गनवाला पहुंचे। उन्होंने गुलदार को सुरक्षित कौड़िया वन रेंज कार्यालय पर पहुंचाया। ऑपरेशन गुलदार के अंतर्गत सितंबर माह में कौड़िया वन रेंज से दो और साहनपुर वन रेंज से एक गुलदार पकड़े जा चुके हैं।
मादा गुलदार का कराया स्वास्थ्य परीक्षण : मादा गुलदार का स्वास्थ्य परीक्षण उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एसएम सिंह ने किया। गुलदार की अनुमानित आयु पांच वर्ष, वजन लगभग 60 किलोग्राम है। गुलदार के दांत पूरी तरह सुरक्षित पाए गए। वन विभाग ने गुलदार को जाफराबाद रेस्ट हाउस में रखा है। चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन के निर्देश मिलने पर चिह्नित चिड़ियाघर में मादा गुलदार भेजी जाएगी।
ग्राम तारापुर में गुलदार ने दो गोवंशों को बनाया शिकार
बढ़ापुर। बुधवार रात गुलदार ने क्षेत्र के ग्राम तारापुर में दो पशुशालाओं में बंधे दो गोवंशों को मार डाला। इससे ग्रामीणों में दहशत है।
गुलदार गांव निवासी बुंदू पुत्र बाले के घर के पास बनी उसकी पशुशाला में आ घुसा और वहां से एक बछड़े को खींचकर गांव के बाहर गन्ने के खेत में ले गया। इसके बाद गुलदार ने सलीम पुत्र अलीमुद्दीन की घर के पास बनी पशुशाला में घुसकर एक बछिया का शिकार किया। शोर शराबे के बाद गुलदार पशुशाला से निकलकर भागा। बृहस्पतिवार की सुबह सूचना मिलने पर पुलिस गांव पहुंची और गांव के आसपास खेतों में कांबिंग की। ग्रामीण नबील अहमद, मोहम्मद शहजाद, आरिफ, सुहैल व मोहम्मद आफताब ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने के लिए दो पिंजरे लगाने की मांग की है।
दो बच्चों को मारने की सूचना पर पुलिस के फूले-हाथ पांव
बढ़ापुर। तारापुर के ग्रामीणों ने जल्दबाजी में पुलिस को दो बच्चों को गुलदार द्वारा मार डालने की सूचना दे दी गई। इस पर पुलिस अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। नगीना सीओ डॉ. अंजनी कुमार चतुर्वेदी भारी फोर्स के साथ गांव पहुंचे। ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली और उनको सतर्क रहने की सलाह दी।
बाघ नजर आने से ग्रामीणों में दहशत
रेहड़। बृहस्पतिवार दोपहर रेहड़ बस स्टैंड पर पेट्रोल पंप के पीछे स्थित आम के बाग एवं खेतों में कुछ ग्रामीणों ने बाघ देखे जाने की सूचना वन विभाग को दी। वन विभाग की टीम ने काफी देर तक आसपास के क्षेत्र में कांबिंग की लेकिन बाघ का कुछ पता नहीं लगा। ग्रामीणों का कहना है कि करीब दस दिन से बाघ क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। वन कर्मियों ने ग्रामीणों को सचेत रहने की सलाह दी है।