पशुओं के लिए पत्तियां तोड़ रही थी बुजुर्ग
वीरो देवी ईख के खेत से पशुओं के लिए पत्तियां एकत्रित कर रही थी। उनका बेटा बहाल सिंह उर्फ मनिया कुछ दूरी पर चारा काट रहा था। अचानक गुलदार ने वीरो देवी पर हमला किया और उन्हें ईख के अंदर खींचने लगा। शोर सुनकर बहाल सिंह मां को बचाने दौड़ा।
बेटे ने दरांती से गुलदार की भगाने की कोशिश
उसने दरांती से गुलदार को भगाने की कोशिश की। गुलदार टस से मस नहीं हुआ और मां को जबड़ों में जकड़े रहा। बहाल सिंह दोबारा दरांती लेकर आया और गुलदार को भगाया। तब तक वीरो देवी की मौत हो चुकी थी और गुलदार ने उनके शरीर का काफी मांस खा लिया था। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर जमा हो गए।
ग्रामीणों का विरोध
ग्रामीणों ने वन अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने गुलदार के हमले से हुई मौत के बाद शव नहीं उठाने दिया। तहसीलदार ओमकार सिंह, वन रेंजर दुष्यंत मावी और वन दरोगा सौरभ चौधरी मौके पर पहुंचे। हीमपुर दीपा थानाध्यक्ष भी पुलिस बल के साथ मौजूद थे। तहसीलदार ने पांच लाख रुपये मुआवजा, दो पिंजरे और कैमरा ट्रैप लगाने का आश्वासन दिया।