बिजनौर। सूदखोरों से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले राहुल सैनी के मामले में जेल गए लेखपाल को विरेंद्र सैनी को एसडीएम नजीबाबाद ने निलंबित कर दिया है। सूदखोरों के सिंडिकेट की अर्जित संपत्ति की जांच कराने और नामजद भाजपा नेता की गिरफ्तारी मांग मृतक की पत्नी ने अधिकारियों से की है।
नगीना में 30 अक्तूबर को राहुल सैनी ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद नजीबाबाद तहसील में तैनात लेखपाल विरेंद्र सैनी को नगीना पुलिस गिरफ्तार कर हुए जेल भेज चुकी है। जबकि दूसरे आरोपी भाजपा नेता प्रहलाद कुमार कुशवाहा की गिरफ्तारी बाकी है।
इस मामले में मृतक राहुल सैनी की पत्नी मीनाक्षी ने डीएम, एसपी और एआईजी स्टांप से मुलाकात कर शिकायती पत्र देते हुए बताया कि आरोपी भाजपा नेता नगीना में खुलेआम घूम रहा है, जिसे पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है। कहा कि आरोपियों ने उसके पति को सूदखोरी के चंगुल में फंसाया। मनमानी ब्याज दर लगाकर रकम को बढ़ाते रहे। साथ ही दबाव बनाकर करीब चार बीघा जमीन के अलग अलग 18 बैनामे कराए गए। अब बाकी बची हुई जमीन के भी बैनामे करने के लिए दबाव बना रहे थे।
आरोप है कि आरोपी प्रह्लाद ने 1266 वर्ग मीटर आबादी की भूमि को मात्र 1950000 में खरीदना दिखाया है जबकि उक्त जमीन का मूल्य सर्किल रेट के हिसाब से 35 लाख है। उक्त बैनामे में सर्किल रेट के अनुसार स्टांप चोरी करने का भी आरोप लगाया है।
आरोप लगाया कि प्रह्लाद ने जमीन का कोई पैसा नगद या बैंक से नहीं दिया है। शिकायती पत्र देकर आरोपी की नामी और बेनामी संपत्ति की जांच कराने की भी मांग की गई है।