बिजनौर कलक्ट्रेट सभागार में फूलों की खेती करने वाले किसान अखलेश चौधरी को सम्मानित करते डीएम व एस?
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नौकरी छोड़कर खेतों में खिला रहे समृद्धि के फूल
बिजनौर। लगातार गिरता जमीन का क्षेत्रफल और बढ़ते खर्च में समन्वय के लिए किसानों ने पारंपरिक खेती को छोड़कर अन्य फसलों की पैदावार करनी आरंभ कर दी है। मल्टीनेशनल कंपनी में 18 लाख रुपये सालाना की नौकरी छोड़कर अखिलेश कई सालों से पॉलीहाउस व अन्य जमीन में फूलों की खेती कर रहे हैं। फूलों की खेती में गन्ने की फसल से ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं।
जनपद के गांव अगरी निवासी प्रगतिशील किसान अखिलेश चौधरी पुत्र धीरसिंह पॉलीहाउस के अंदर फूलों का आधुनिक तकनीक से उत्पादन एवं विपणन का भी उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह एल्कोहल टेक्नालॉजिस्ट हैं। वह सालाना 18 लाख के पैकेज पर एक कंपनी में जॉब करते थे। वर्ष 2017 से वह नौकरी छोड़कर खेती कर रहे हैं। दो एकड़ जमीन में पॉलीहाउस के माध्यम से फूलों की खेती कर रहे हैं। जिसमें मुख्य फ्लावर जरबेरा, कारनेशन, लिनियम, डेजी, जिप्सोफिला, यूस्टोमा हैं। इन्हें वह दिल्ली के साथ उत्तराखंड के देहरादून के बाजार में बेच रहे हैं। इस फूलों के कारोबार से सालाना 25 लाख तक कमा लेते हैं। उनके इस कार्य से आठ लोगों को रोजगार भी मिला है। वह अन्य किसानों को भी फूलों की खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं। अखिलेश चौधरी ने बताया कि वह दो एकड़ खुली जमीन में फूलों की खेती कर रहे हैं। इनमें मुख्य फ्लावर स्टार (गुलदावरी), रजनीगंधा एवं ग्लेडियोलस फूलों की खेती है। फूलों की खेती कर उल्लेखनीय कार्य के लिए रविवार को जिलाधिकारी उमेश मिश्रा व एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने किसान अखिलेश चौधरी को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।