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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय में भरी पत्ती

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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय में भरी पत्ती
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बिजनौर। पत्ती जलाने के नाम पर किसानों के शोषण का आरोप लगाते हुए भाकियू ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय में गन्ने की पत्ती भर दी। किसान छोईया नदी का पानी भी साथ लेकर आए थे। उन्होंने एलान किया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय को पत्ती का गोदाम बना दिया गया है। किसान अपने खेत से पत्ती लाकर यहां भर दें। किसानों ने फैक्टरियों आदि के प्रदूषण से जिले के मुक्त होने के बाद ही आंदोलन खत्म करने की चेतावनी दी।
सोमवार को किसान ट्रैक्टर ट्राली से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय पहुंचे और सभी कमरों में पत्ती भर दी। क्षेत्रीय अधिकारी जेपी मौर्य की मेज पर भी पत्ती रख दी। वे उस समय कार्यालय में नहीं थे। इसके बाद किसान कार्यालय में धरना देकर बैठ गए। कुछ देर बाद छोईया नदी का पानी भी बोतल में भरकर ले आए। भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा कि किसान ही देश की जनता को आक्सीजन दे रहा है। एसी वालों के घरों में एक भी पेड़ नहीं मिलता है। फैक्टरी वालों ने सड़क किनारे गंदा पानी डालकर पेड़ों तक को सूखा दिया है, किसानों की जमीन बंजर कर दी। कहा कि छोईया और मालन नदी मर रही हैं। लेकिन प्रशासन को यह सब नहीं दिख रहा है।
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प्रशासन ने मिल मालिकों के सामने सरेंडर कर रखा है। प्रदूषण से छोईया नदी का बुरा हाल है। किसानों ने कहा कि प्रदूषण फैला रही फैक्टरियों पर कार्रवाई, डिस्टलरी द्वारा गंदा पानी बहाने पर रोक व छोईया नदी समेत जिले की सभी नदियों के प्रदूषण मुक्त होने के बाद ही किसानों का आंदोलन खत्म होगा। ऐसा न होने तक आंदोलन चलता रहेगा। इस दौरान अतुल कुमार, दीपक तोमर, विजय सिंह, संदीप त्यागी, विकास कुमार, गुलशन सिंह, शोभाराम, कपिल कुमार आदि मौजूद रहे।
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