गांव मुकरमपुर में प्रेमी युगल का जहर खाने का बहुचर्चित मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। गांव मुकरमपुर में प्रेमी युगल के जहर खाने के बहुचर्चित मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामलाल ने आत्महत्या के लिए प्रेरित करने एवं आत्महत्या का प्रयास करने का दोषी पाते हुए ललित को चार वर्ष के कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में लड़का ललित बच गया था, जबकि लड़की स्वाति की मौत हो गई थी।
शासकीय अधिवक्ता प्रमोद शर्मा के अनुसार थाना नहटौर के गांव मकरमपुर निवासी हरि सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांव के ललित का उसकी लड़की स्वाति से मेलजोल था। दोनों के परिवारों में बातचीत हुई, लेकिन कोई बात नहीं बन पाई। स्वाति, ललित, रामपाल व हरिओम 29 मई 2016 को मीर साहब के खेत में मिले। ललित ने स्वाति से कहा हम दोनों अपना जीवन समाप्त कर लेते हैं। ललित ने एक और स्वाति ने चार विषैली गोली खा ली। इस बात का पता चलने पर वह खेत पर गया तो वहां से ललित, रामपाल, हरिओम उसे देखकर भाग गए।
स्वाति को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई, जबकि ललित बच गया। इस मामले में पुलिस ने ललित के विरुद्ध धारा 306, 309, 506 में और रामपाल व हरिओम के विरुद्ध धारा 306, 506 के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान रामपाल की मृत्यु हो गई। अदालत ने ललित को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने में एवं खुद आत्महत्या का प्रयास करने में सजा सुनाई। दोष सिद्ध न होने पर हरिओम को बरी कर दिया।