धामपुर में बैलेट पत्रों की बूथवार गिनती करते कर्मी।
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मतपत्रों की गिनती के दौरान कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं
धामपुर। एक ओर कोरोना लगातार कहर बरपा रहा है और तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। वहीं दूसरी ओर आम आदमी हो या सरकारी कर्मचारी अधिकांश कोविड 19 गाइडलाइन को तोड़ते दिख रहे हैं। पंचायत चुनाव में लगे सहायक निर्वाचन अधिकारी ब्लाक के कर्मियों के साथ शनिवार को पूरे दिन मतपत्रों की गिनती में लगे रहे। बताया जा रहा है कि इनमें कई कर्मचारियों का स्वास्थ्य खराब है और वह दवाई लेकर काम कर रहे हैं। कोरोना जांच न कराए जाने के कारण संक्रमण फैलने की आशंका जताई जा रही है।
ब्लाक के सभाकक्ष में 13 न्याय पंचायतों की अलग अलग न्याय पंचायतबार टेबल लगी थी। प्रत्येक टेबल के एआरओ अलग अलग बनाए गए थे। तीन दिन पहले टेबल नंबर सात पर तैनात एआरओ ओमप्रकाश जांच में कोरोना पॉजिटिव आए थे। बताया गया कि अभी कई कर्मियों को बुखार है। पर विभाग की ओर से उन्हें छुट्टी नहीं दी जा रही है। कई कर्मियों ने बताया कि उनके बदन में दर्द है और बुखार भी है। बताया गया कि ऐसे कर्मचारी दवाई खाकर काम करने को मजबूर हैं। धामपुर एससीडीआई अमित कुमार पांडेय का कहना है कि उनका बदन दर्द कर रहा है। लेकिन काम ऐसा है कि किसी अधिकारी से कह कर छुटकारा भी नहीं पाया जा सकता।
सिंचाई विभाग के जेई अरविंद कुमार चौहान का कहना है कि पंचायत विभाग की व्यवस्था बदहाल है। मांगने के बाद भी उन्हें सैनिटाइजर नहीं दिया जा रहा है। शासन के आदेश है कि एक कक्ष में 50 से अधिक लोग एकत्र नहीं होंगे। पर धामपुर में मतपत्रों की गिनती के दौरान रोजगार सेवकों सहित सौ से ज्यादा कर्मी एक ही छत के नीचे कोरोना महामारी के बीच जान को जोखिम में डाल काम को अंजाम देने में लगे है। उधर ब्लाक के प्रभारी खंड विकास अधिकारी डीडी सिंह ने चुनाव में लगे कर्मियों व अधिकारियों के लगे आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा अपेक्षा से ज्यादा जिम्मेदारी का निर्वहन किया जा रहा है। डीएम के आदेश पर कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए सब कुछ जरूरी सामान दिया जा रहा है।