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Bijnor News: खो नदी उफनाई, लोगों ने जागकर गुजारी पूरी रात

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शेरकोट। मूसलाधार बारिश से खो नदी का जलस्तर बढ़ने से लोगों में बेचैनी बढ़ने लगी है। नदी किनारे बसे गांवों का कहना है कि उन्होंने बृहस्पतिवार देर रात जलस्तर बढ़ने पर पूरी रात सतर्कता के साथ जाग कर गुजारी। सिंचाई विभाग के जेई नवीन शर्मा ने बताया कि शेरकोट क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में कहीं भी तटबंध कटान या जलभराव जैसी गंभीर स्थिति सामने नहीं आई।
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अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र के नंदगांव नाथाडोई, कोपा, धुराहरा, हादकपुर, तिपरजोत आदि कई बाढ़ प्रभावित गांवों में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की ओर से पहले ही व्यापक सुरक्षा कार्य कराए गए हैं। प्रत्येक गांव में जूनियर इंजीनियर, ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में बाढ़ निगरानी समितियां गठित कर राजस्व एवं पंचायत विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। संवेदनशील गांवों में शिफ्टवार कर्मचारियों की तैनाती कर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ग्रामीण जितेंद्र, सलीम, अनीस, रामचंद्र, अतुल सैनी आदि ग्रामीणों का कहना है कि अभी तटबंध सुरक्षित हैं। फिलहाल कटान जैसी कोई समस्या नहीं है। देर रात 12 बजे शेरकोट स्थित खो बैराज से 61,918 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शुक्रवार जलस्तर घटने के बाद शेरकोट के खो बैराज से लगभग बीस हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था।

अधिकारियों से किया तटबंधों का निरीक्षण
जिला बाढ़ समन्वय अधिकारी अधिशासी अभियंता अवधेश कुमार शर्मा का कहना है कि सभी सहायक अभियंताओं, जूनियर इंजीनियरों को अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहकर हालात पर नजर रखने को निर्देशित किया जा चुका है। सहायक अभियंता पीके जैन, विक्रांत कुमार और आकांक्षा रावत ने खो नदी के तटबंधों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
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