बिजनौर। धरोहर स्मृति न्यास बिजनौर के तत्वावधान में चतुर्थ साहित्यिक सम्मान समारोह में सुप्रसिद्ध साहित्यकारों और समाजसेवियों को पुरस्कृत किया गया।
मुख्य अतिथि केंद्रीय साहित्य अकादमी के पूर्व सदस्य डॉ. योगेंद्रनाथ शर्मा अरुण ने कहा कि साहित्यिक महान कार्य है। इसीलिए साहित्यकार इसे सियासत से दूर रखें।
एक बैंक्वेट हाल में हुए समारोह में विशिष्ठ अतिथि अधिशासी अध्यक्ष धामपुर शुगर मिल संदीप शर्मा ने कहा कि बहुत से ऐसे साहित्यकार व कवि, जो वृद्ध हैं, बीमार हैं और वे निर्धनता के कारण अपना उपचार तक कराने से वंचित हैं। उनकी सहायता के प्रति कार्य करना चाहिए।
उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति डा. महावीर अग्रवाल ने धरोहर न्यास के प्रयास की सराहना की। समारोह में डॉ. भारत भूषण सहारनपुर को लाला ओमप्रकाश रस्तोगी स्मृति मानव सेवा सम्मान, डॉ. रामस्वरूप आर्य बिजनौर को जीएस सेठी स्मृति लाइफ टाइम अचीवमेंट सम्मान, जयप्रकाश प्रजापति कुम्हारपुरा को बाबू सिंह चौहान स्मृति समाज सेवा पुरस्कार, अंबर खरबंदा को निश्तर खान काही स्मृति गजल पुरस्कार दिया गया।
डॉ. शील कौशिक को कांता निशा स्मृति नारी प्रेरणा पुरस्कार, डॉ. सुधा शर्मा पुष्प को ब्रजेश्वर स्वरूप शर्मा बाल साहित्य पुरस्कार, हरिराम पथिक को गोविंद सिंह स्मृति गीतकार पुरस्कार, डॉ. चंद्रमोहन दिनेश को चौधरी रणवीर सिंह स्मृति व्यंग्य से सम्मानित किया गया।
डॉ. आरपी सारस्वत को चौधरी वीरेंद्र स्मृति बाल साहित्य पद्य पुरस्कार, राजेंद्र कुमार शर्मा को रामचंद्री देवी स्मृति नारी सशक्तिकरण पुरस्कार देकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। व्यंग्यकार चंद्रमोहन दिनेश बीमारी के कारण पुरस्कार लेने के लिए उपस्थित नहीं हो सके।
कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि डॉ. राजवीर चौधरी मुख्य कार्यकारी अधिकारी कजारिया ग्रुप, एडीएम सहारनपुर सुनील कुमार यादव ने विचार रखे।
निर्णायक मंडल में इकबाल आजर, डॉ. ज्ञानेश दत्त हरित, रश्मि अग्रवाल सुमन चौधरी, शशि भूषण बडोनी, डॉ. नंदा किशोर डौंडियाल, स्वामी बिजनौरी रहे। संचालन कार्यकारी संयोजक डॉ. सूर्यमणि रघुवंशी व निधि शुक्ला ने किया। कार्यकारी सचिव डॉ. अजय जनमेजय, डॉ. गजेंद्र बटोही, डॉ. शूरवीर सिंह, प्रदीप सेठी आदि का विशेष सहयोग रहा।