सावन माह में हरिद्वार से गंगाजल लाने वाले शिवभक्तों का रेला जनपद की सड़कों पर उमड़ता है। इसे देखते हुए उन मार्गों को चिह्नित किया गया है, जहां कांवड़ियों का सबसे अधिक आवागमन रहता है। इन सड़कों पर सामान्य यातायात बंद रखने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यातायात पुलिस की टीम ने प्रस्तावित डायवर्जन को लेकर सड़कों का निरीक्षण शनिवार को किया। यातायात प्रभारी रवि नैन ने बताया कि मार्गों की स्थिति, श्रद्धालुओं की संभावित संख्या और स्थानीय यातायात को ध्यान में रखते हुए अंतिम डायवर्जन प्लान जारी किया जाएगा। वैकल्पिक मार्ग को लेकर भी मंथन चल रहा है। जल्द ही प्लान को अंतिम रूप देकर 28 जुलाई से लागू कर दिया जाएगा। छह अगस्त से वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी जाएगी।
सीसीटीवी और सड़क सुरक्षा दुरुस्त रखने के दिए निर्देश
एसपी अभिषेक झा और एएसपी सिटी डॉ. केजी सिंह ने सीओ आकांक्षा गौतम और क्षेत्रीय थाना प्रभारियों के साथ कांवड़ यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। कोतवाली से भागूवाला, कोटावाली और मंडावली क्षेत्र के कांवड़ यात्रा मार्गों का निरीक्षण करने के बाद एसपी मोटा महादेव स्थित मंदिर स्वयंभू सिद्ध मंदिर पीठ पहुंचे।
एसपी ने बताया कि उन्होंने श्रावण मास की सुरक्षित कांवड़ यात्रा के लिए क्षेत्र में वृक्षों की कटाई-छटाई, सड़कों के समतलीकरण, प्रकाश और सीसीटीवी आदि के संबंध में संबंधित विभागों को समन्वय की भावना से काम करने के निर्देश दिए। उधर, पुजारी शशिनाथ ने 30 जुलाई से श्रावण मास की कांवड़ यात्रा शुरू होने की जानकारी दी।
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